चंडीगढ़ , मार्च 21 -- पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या किए गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका शव सुबह पीजीआई से पैतृक गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के बाद बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।

अंतिम यात्रा के दौरान परिजन "सतनाम वाहे गुरु" के जाप के साथ श्मशान घाट पहुंचे। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा।

अंतिम संस्कार के बाद चमनप्रीत की मां बेसुध नजर आईं। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि जवान बेटे की मौत मां के लिए सबसे बड़ा दुख होती है। उन्होंने बताया कि बेटे की शादी के लिए नए कपड़े संभाल कर रखे थे, लेकिन आज उसे दूल्हा बनते देखने के बजाय अंतिम विदाई देनी पड़ी।

मां ने कहा कि वह हमेशा पुलिस से डरती थीं लेकिन बेटा उन्हें भरोसा दिलाता था कि डरने की जरूरत नहीं। अब उसके जाने के बाद सब कुछ खत्म हो गया है।

परिवार ने हत्या के पीछे किसी भी तरह की दुश्मनी या विवाद से इनकार किया है। चमनप्रीत के भाई दीपेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोग उन पर जमीन कब्जाने या फिरौती लेने जैसे आरोप लगा रहे हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि किसी की जमीन पर कब्जा किया हो तो सामने लाकर दिखाया जाए।

उन्होंने बताया कि परिवार ने मेहनत से एक-एक पैसा जोड़कर अपना कारोबार खड़ा किया था। उनके अनुसार चमनप्रीत एक दानी और मिलनसार व्यक्ति था जिसकी लोकप्रियता ही उसकी हत्या का कारण बन सकती है।

परिवार ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही किसी पर शक है। उन्होंने अपील की कि आपसी विवाद बातचीत से सुलझाने चाहिए और किसी मां की गोद उजाड़ने जैसी घटनाओं से बचना चाहिए।

गौरतलब है कि 18 मार्च को सेक्टर-9 में जिम के बाहर चमनप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में 19 मार्च को हरियाणा के कैथल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

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