ग्रेटर नोएडा , नवंबर, 18 -- प्रीति पवार (54 किग्रा) ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम देते हुए मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता और तीन बार की विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की हुआंग सियाओ-वेन को हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया। प्रीति की अगुवाई में शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में जारी इस इवेंट में अरुंधति चौधरी, मीनाक्षी हुड्डा, अभिनाश जामवाल, अंकुश फंगल, नूपुर श्योरण, नरेंद्र बेरवाल और निखत परवीन सहित आठ भारतीयों ने फाइनल में प्रवेश किया।

प्रीति ने शुरुआती सेकंड से ही लय बना ली और पहले राउंड में क्लीन काउंटरपंच से बढ़त हासिल की और फिर दूसरे राउंड में स्पष्ट दबदबा बना लिया। 22 वर्षीया हुआंग ने अनुभवी हुआंग को लय बनाने नहीं दी, उनके एंगल्स को कम किया और पूर्व विश्व चैंपियन को कोई गति नहीं लेने दी। तीसरे राउंड के अंत में एक-दो के शानदार संयोजन ने उनके नियंत्रण को पुख्ता किया और एक ऐसी जीत हासिल की जो उनके उभरते करियर में एक यादगार पल के रूप में याद की जाएगी।

मुकाबले के बाद उत्साहित प्रीति ने कहा," मुझे पता था कि वह (हुआंग) एक विश्व चैंपियन हैं, लेकिन विश्व चैंपियन बनने के लिए, आपको एक विश्व चैंपियन को हराना होगा। मुकाबले से पहले मेरी यही सोच थी। मुझे आज रात अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, अपना 100 प्रतिशत, और घरेलू दर्शकों के सामने जीत हासिल करनी है। पिछले मुकाबले ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया, दर्शकों ने जिस तरह मेरा समर्थन किया, उससे मैं आज अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने आई हूँ।"अरुंधति ने टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने 2025 विश्व मुक्केबाजी कप के तीनों चरणों की पदक विजेता जर्मनी की लियोनी मुलर को आरएससी के ज़रिए रोक दिया। पूर्व युवा विश्व चैंपियन और स्ट्रैंड्जा पदक विजेता अरुंधति (जो डेढ़ साल के अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धा कर रही थीं) में कोई कमी नहीं दिखी। उन्होंने शुरुआती दोनों राउंड में पूरी आक्रामकता के साथ नियंत्रण बनाए रखा। दूसरे राउंड में एक बार जर्मन दिग्गज को गिराया और तीसरे राउंड में फिर से उन्हें पटखनी देकर एक व्यापक जीत हासिल की और फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) ने कोरिया की बाक चो-रोंग पर लगभग 5:0 की शानदार जीत के साथ अपना असाधारण फॉर्म जारी रखी। उन्होंने ऊर्जा और जोश के साथ मुकाबला किया, एक चुस्त रक्षात्मक संरचना बनाए रखते हुए तीखे, सटीक मुक्के लगाए जिससे उन्हें तीनों राउंड आसानी से जीतने में मदद मिली। बाद में, दो बार के विश्व मुक्केबाजी कप पदक विजेता अभिनाश (65 किग्रा) ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की और यूक्रेन के एल्विन अलीएव को एक प्रभावशाली जीत के साथ हराया। नरेंद्र (90 किग्रा) ने भी कज़ाकिस्तान के दानियाल सपारबे के खिलाफ अपने विशिष्ट प्रदर्शन और रिंग में अपनी मज़बूत उपस्थिति के साथ फाइनल में प्रवेश किया।

अंकुश (80 किग्रा) ने अपनी गति और दबाव से ऑस्ट्रेलिया के मार्लन सेवेहोन को 5:0 से हराकर एक और प्रभावशाली जीत दर्ज की, जबकि नुपुर (80 किग्रा) ने यूक्रेन की मारिया लोवचिन्स्का को शुरू से अंत तक लगातार दबदबे के साथ हराकर भारत की लय को बनाए रखा। परवीन (60 किग्रा) ने दिन का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए पोलैंड की विश्व मुक्केबाजी कप रजत पदक विजेता राइगेल्स्का अनेटा एल्ज़बिएटा को 3:2 के कड़े मुकाबले में हराकर महत्वपूर्ण मुकाबलों में रिंग में अपनी मज़बूत पकड़ का प्रदर्शन किया।

स्वीटी बूरा (75 किग्रा) ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं, जबकि नवीन का सफर भी कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ।

चौथे दिन नौ भारतीय मुक्केबाज मैदान में उतरेंगे। इनमें दो बार की विश्व चैंपियन निखत ज़रीन (51 किग्रा) का मुकाबला उज़्बेकिस्तान की गुलसेवर गनीवा से और मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया (57 किग्रा) का मुकाबला कज़ाकिस्तान की उल्ज़ान सरसेनबेक से होगा। इसके अलावा नीरज फोगाट (65 किग्रा), जदुमणि सिंह (50 किग्रा), पवन बर्तवाल (55 किग्रा), जुगनू (85 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), सुमित (75 किग्रा) और हितेश (70 किग्रा) भी प्रतिस्पर्धा करेंगे, और सभी फाइनल में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेंगे।

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