बेंगलुरु , नवंबर 10 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को 'गुरु दक्षिणा' के रूप में कर छूट मिलने पर गंभीर सवाल उठाए और उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को चुनौती दी कि वह बंद कमरे में आयोजित सभा के बजाय सार्वजनिक बहस में इस कदम का बचाव करें।

श्री प्रियांक ने सोमवार को यहां जारी बयान में केवल स्वयंसेवकों को संबोधित करने के लिए भागवत की आलोचना की और इसे एक 'इको चैंबर' बताया जहां सवालों का जवाब जांच-पड़ताल की बजाय तालियों से दिया जाता है।

श्री प्रियांक ने कहा,"अगर उन्हें वैधता पर भरोसा है तो आरएसएस को कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों के साथ बहस करनी चाहिए। न कि केवल उन लोगों के साथ जो पहले से ही उनसे सहमत हैं।" उन्होंने आरएसएस के करोड़ों रुपये के कार्यालयों और संस्थानों का हवाला देते हुए कर छूट के आधार पर सवाल उठाया।

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