हालोल , दिसंबर 19 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शुक्रवार को यहां कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पन्न भोजन स्वास्थ्यवर्धक, आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन की गारंटी देता है।
श्री देवव्रत ने राज्य में पंचमहल जिले के हालोल स्थित गुजरात नेचुरल फार्मिंग साइंस यूनिवर्सिटी में आयोजित 'प्राकृतिक कृषि जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं परिसंवाद' में किसानों, कृषि सखियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बताया।
राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज समाज में कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी और पैंक्रियास से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। आज से 30-40 वर्ष पहले यह बीमारियां सामान्य नहीं थीं, लेकिन आज कम उम्र के लोग भी इन गंभीर रोगों से पीड़ित हैं। इसका मुख्य कारण विषैला भोजन और प्रदूषित पर्यावरण है।
गुजरात प्राकृतिक कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय देश और दुनिया का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां केवल प्राकृतिक खेती पर वैज्ञानिक शोध हो रहा है। यहां गाय के गोबर और गोमूत्र में मौजूद करोड़ों सूक्ष्म जीवाणुओं पर अनुसंधान किया जा रहा है, जो खेती के लिए खाद और पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। यह शोध न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। प्राकृतिक खेती से उत्पन्न भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन की गारंटी देता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाना ईश्वर की सृष्टि की रक्षा करना है और इससे बड़ी कोई पूजा नहीं हो सकती।उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कृषि सखियों, किसान मित्रों और मास्टर ट्रेनर्स की सहायता से प्राकृतिक खेती की पद्धतियां सीखें और उन्हें अपनाएं। साथ ही प्रत्येक किसान परिवार को कम से कम एक देशी गाय पालने का सुझाव दिया। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सहायता योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया।
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