श्रीगंगानगर , दिसम्बर 30 -- राजस्थान में 'यादे माटी कला' बोर्ड के अध्यक्ष प्रह्लाद राय टाक को नेपाल की राजधानी काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है।

श्री टाक के अनुसार समरसता मंच द्वारा आयोजित वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन में उन्हें माटी कला के क्षेत्र में लगातार दो वर्षों से उत्कृष्ट योगदान के लिए 'एशिया महाद्वीप पुरस्कार- 2025' प्रदान किया गया। यह सम्मान रशियन सांस्कृतिक केंद्र, काठमांडू में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया, जहां 25 राष्ट्रों के ध्वजों की उपस्थिति में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया था।

कार्यक्रम में नेपाल के प्रथम उप राष्ट्रपति परमानंद झा, जगदगुरू शिवशक्ति महाराज, नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेंद्र महतो, नेपाल की पूर्व लोकसभाध्यक्ष इंदिरा राणा मगर ने संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया। इसके तहत श्री टाक को शाल, नेपाली टोपी, प्रशस्ति पत्र, पदक और स्मृति चिह्न भेंट करके सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजनायिक संबंध वियना अभिशरण अधिनियम 1972 एवं विचार प्रस्तुतिकरण के आधार पर दिया गया, जो वैश्विक शांति और समरसता को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है।

श्रीगंगानगर के निवासी प्रह्लाद राय टाक राजस्थान के यादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में माटी कला को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में बोर्ड ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चलायी हैं, जिनमें स्थानीय कलाकारों को प्रशिक्षण, प्रदर्शनियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माटी कला का प्रचार शामिल है। इस पुरस्कार से न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता मिली है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक पटल पर स्थान मिला है।

यह कार्यक्रम समरसता मंच द्वारा आयोजित किया गया था, जो वैश्विक स्तर पर शांति, समरसता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए जाना जाता है। काठमांडू में आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, कलाकार और राजनयिक शामिल हुए। प्रहलाद राय टाक ने इस सम्मान को राजस्थान की माटी कला समुदाय की सामूहिक सफलता बताया और आगे भी इस क्षेत्र में योगदान जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी।

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