नयी दिल्ली , नवंबर 15 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ)-2025 में उत्तर प्रदेश पवेलियन में 'रामालय' एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर श्री प्रसाद ने कहा,"रामालय इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक रूप से प्रीमियम प्रारूप में कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश की यह पहल परंपरा और नवाचार के शानदार संगम को दर्शाती है। ऐसे उपक्रम न केवल भारत की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि वैश्विक बाजारों के नए द्वार भी खोलते हैं। मैं रामालय टीम को भारत की आध्यात्मिक पहचान को इतनी गरिमा और उत्कृष्टता के साथ प्रदर्शित करने के लिए बधाई देता हूँ।"यह उद्घाटन समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत और लक्ज़री क्राफ़्ट्समैनशिप के अद्वितीय संगम को दर्शाते हुए जनसाधारण और मीडिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। साथ ही इस वर्ष के आईआईटीएफ के मुख्य विषय 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के अनुरूप रहा।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

रामालय सुगंध विज्ञान, पवित्र कथाओं और पारंपरिक भारतीय कला का ऐसा अनूठा संगम है जो भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक वैश्विक दर्शकों के लिए एक समृद्ध अनुभव के रूप में प्रस्तुत करता है।

उत्तर प्रदेश पवेलियन में आगंतुक भारतीय शास्त्रों पर आधारित लक्ज़री सुगंध ब्रह्मांड, मधुबनी एवं पट्टचित्र कला के माध्यम से कथा-वाचन, राष्ट्रीय पुरस्कार-प्राप्त सांस्कृतिक संग्रह तथा आस्था, भक्ति और विरासत को समर्पित एक परिष्कृत एवं भावनात्मक अनुभव हासिल कर सकते हैं।

जेपीएसआर प्रभु श्रीराम के सांस्कृतिक उत्कृष्ट संग्रह, श्रिपद रामायण श्रृंखला (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता), रामायण के 10 पवित्र प्रसंग, जो यूनेस्को-मान्यता प्राप्त मिथिला/मधुबनी कला में चित्रित हैं तथा प्रत्येक प्रसंग की भावनाओं को पुनर्सृजित करने वाली विशेष सुगंधों के साथ प्रस्तुत किए गए हैं। श्री कृष्ण लीला श्रृंखला मथुरा-वृंदावन की दिव्य परंपरा से प्रेरित यह श्रृंखला पट्टचित्र शैली की कला के साथ प्रत्येक लीला के अनुरूप अद्वितीय सुगंध का अनुभव कराती है।

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