पौड़ी , जनवरी 15 -- उत्तराखंड के पौड़ी में प्रशासन गांव की ओर अभियान में शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों के निरीक्षण का तीसरा दिन प्रशासन की संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया। थलीसैंण विकासखंड में प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत न्याय पंचायत पित्रसैंण से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों और संस्थानों की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण की शुरुआत निर्माणाधीन उप जिला अस्पताल थलीसैंण से हुई, जहां जिलाधिकारी ने अस्पताल की भूमि, निर्माण कार्यों एवं सेवाओं की स्थिति का गहन अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अवकाश पंजिका, प्रयोगशाला कक्ष, एक्स-रे यूनिट, टीबी क्लीनिक तथा औषधि भंडार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
टीबी क्लीनिक में वर्तमान में 41 पंजीकृत मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग कर मरीजों से सतत संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। औषधि भंडार की स्थिति देखते हुए उन्होंने चिकित्सकों को बाहर की दवाएं न लिखने तथा मरीजों को समय पर निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने डायग्नोस्टिक सेवाओं की भी जानकारी ली।
उन्होंने लेबर रूम निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि अधिकतम प्रसव यहीं कराए जाएं तथा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों में गर्भवती महिलाओं के निरंतर संपर्क में रहकर समय पर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नेत्र, डेंटल अनुभाग, सफाई, शौचालय व पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की।
अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्यों को देखकर जिलाधिकारी ने कार्य में तत्काल तेजी लाने के निर्देश देते हुए कल से कार्य प्रगति में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज थलीसैंण के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था द्वारा मार्च तक कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी ने भवन को इंटीग्रेटेड मॉडल में विकसित करने, शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
दौरे का समापन जल्लू स्थित सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज निरीक्षण से हुआ। यहां जिलाधिकारी ने लगभग 160 कुंतल आलू के भंडारण, ग्रेडिंग, सर्टिफिकेशन और कलेक्शन सिस्टम की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने महिला किसानों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव, सुझाव और चुनौतियों को गंभीरता से सुना।
कोल्ड स्टोरेज परिसर में चैनलिंक फेंसिंग, संपर्क सड़क तथा पेयजल व्यवस्था की आवश्यकता सामने आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल समाधान का भरोसा देते हुए जिला योजना से कार्य स्वीकृत कराने तथा स्टोरेज प्लांट तक सड़क का आकलन तैयार कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भंडारण, ग्रेडिंग और विपणन की सुदृढ़ व्यवस्था से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है। हमारा प्रयास है कि आलू का उत्पादन स्टोरेज की 600 किलो की क्षमता तक बढ़ाया जाय।
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