होशियारपुर , जनवरी 28 -- केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को होशियारपुर में पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर तलाशी ली।
प्राप्त जानकारी अनुसार ईडी ने श्री अरोड़ा के जोधा मल रोड स्थित घर पर तड़के सुबह तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षाकर्मियों को आवास के बाहर तैनात किया गया था और अभियान के दौरान प्रवेश और निकास प्रतिबंधित कर दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि तलाशी के समय पूर्व मंत्री अपने आवास पर मौजूद थे। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच की। यह कार्रवाई कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ी है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि तलाशी प्रवर्तन निदेशालय या आयकर विभाग द्वारा की जा रही थी, और न ही किसी विशिष्ट मामले का उल्लेख किया गया।
श्री अरोड़ा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। विधानसभा चुनाव के बाद जून 2022 में वे भाजपा में शामिल हुए और अगस्त 2024 में कांग्रेस में वापस लौट आए।अक्टूबर 2022 में, अरोड़ा को पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने ज़ीरकपुर से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ चल रही जांचों को प्रभावित करने के लिए सतर्कता ब्यूरो के एक अधिकारी को 50 लाख रुपये से भरा बैग सौंपा था। इन जांचों में औद्योगिक भूखंड के हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं से संबंधित आय से अधिक संपत्ति का मामला भी शामिल था। जनवरी 2023 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों के साथ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दिसंबर 2024 में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक औद्योगिक भूखंड के कथित अवैध हस्तांतरण से संबंधित को रद्द कर दिया।
इन तलाशी अभियानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों को उनके वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
श्री रंधावा ने आगे आरोप लगाया कि श्री अरोड़ा के आवास पर तलाशी से पता चलता है कि भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटने वाले नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को बख्शा जा रहा है। उन्होंने केंद्र पर लोकतांत्रिक मानदंडों की अनदेखी करने और राजनीतिक प्रतिशोध लेने का आरोप लगाया।तलाशी अभियान जारी था और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा थी।
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