रायगढ़ , जनवरी 27 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित गढ़उमरिया के प्रयास आवासीय विद्यालय में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण बन गई, जब विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नए प्राचार्य के एक कथित फैसले के विरोध में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम लग गया।
छात्रों के प्रदर्शन से ओडिशा-छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्रों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा उनसे कथित तौर पर फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कराए गए और उन्हीं हस्ताक्षरों के आधार पर शिक्षकों को हटाने का आदेश जारी किया गया। छात्रों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया उनकी जानकारी और सहमति के बिना की गई, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि वे अपने शिक्षकों से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और शिक्षकों को हटाने का निर्णय उनकी पढ़ाई और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्रों ने आरोप लगाया कि हाल ही में पदभार संभालने वाले नए प्राचार्य के फैसले तानाशाहीपूर्ण हैं तथा छात्रों की भावनाओं और हितों की अनदेखी की जा रही है।
इसी आक्रोश के चलते छात्र विद्यालय परिसर से बाहर निकल आए और मुख्य मार्ग पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही देर में यह प्रदर्शन सड़क जाम में तब्दील हो गया, जिससे बसें, ट्रक और सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंस गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आया। उपजिलाधिकारी महेश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। काफी देर तक चली समझाइश और बातचीत के बाद एसडीएम ने छात्रों को आश्वस्त किया कि किसी भी शिक्षक को नहीं हटाया जाएगा तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर यातायात बहाल किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन यह घटना प्रयास आवासीय विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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