प्रयागराज , नवंबर 19 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में हर साल उनके जयंती पर संगम नगरी में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की इंदिरा मैराथन बुधवार को आयोजित की जा रही है।
नेहरू गांधी खानदान के पैतृक आवास आनंद भवन से आज सुबह छह बजे 42.195 किलोमीटर लम्बी इंदिरा मैराथन का शुभारंभ किया गया। मैराथन के 40 वें संस्करण में शामिल हो रहे धावकों को आयुक्त सौम्या अग्रवाल और जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आनंद भवन के सामने गन शाट के साथ धावकों ने प्रारंभिक लाइन को पार किया और मैराथन का विजेता बनने की दौड़ शुरू हुई।
इंदिरा मैराथन में महिला और पुरुष धावकों को एक साथ दौड़ लगायी। पहली बार मैराथन में धावकों की आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई है। इस बार 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके महिला और पुरुष धावक मैराथन में हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन आनंद भवन से शुरू होकर तेलियरगंज, म्योहाल चौराहा, हाईकोर्ट, हनुमान मंदिर, सीएमपी डिग्री कॉलेज, बैरहना,नये यमुना ब्रिज को पार करके महेवा रोड तिराहे, मामा भांजा चौराहा,दादूपुर भारत पेट्रोलियम से मुड़कर इसी मार्ग से वापस स्टेडियम में समाप्त होगी।पंडित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में दोपहर 2:30 बजे मैराथन का समापन होगा।
मैराथन समाप्त होने पर विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों के विजेताओं को दो-दो लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में एक-एक लाख और तृतीय पुरस्कार के रूप में 75-75 हजार रुपये दिए जाएंगे। जबकि महिला पुरुष दोनों वर्गों में 11-11 अन्य विजेताओं को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये मिलेंगे। इस मैराथन में लगभग 500 धावक और धाविकाएं हिस्सा ले रही हैं। मैराथन में पुलिस, पीएसी, एयरफोर्स, मिलिट्री, इंडियन रेलवे, पैरामिलिट्री फोर्स के धावक और धाविकाएं हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन शुरू होने से पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
वर्ष 1985 में शुरू की गई इंदिरा मैराथन अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत 42.195 किलोमीटर की आयोजित की जा रही है। मैराथन को लेकर इस बार भी धावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के तमाम नामचीन धावक इस बार की मैराथन में भी हिस्सा ले रहे हैं।
यह मैराथन 42.195 किलोमीटर का सफर तय करते हुए मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में दोपहर ढ़ाई बजे खत्म होगी। मैराथन के विजेताओं में कुल नौ लाख 70 हजार रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में बांटी जाएगी। मैराथन के रुट पर धावकों के लिए कई स्थानों पर जलपान और मेडिकल एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। हर किलोमीटर पर एनसीसी के कैडेट्स वालेंटियर के रूप में लगाए गए हैं। तकरीबन एक हजार कर्मचारियों को इस आयोजन में लगाया गया है। इंदिरा प्राइज मनी मैराथन देश की सबसे पुरानी मैराथन है।
मैराथन में शामिल होने आए धावकों में जहां भारी उत्साह है। वहीं इस मौके पर जिलाधिकारी वर्मा ने भी धावक और धाविकाओं की हौसला अफजाई की है।
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