प्रयागराज , जनवरी 06 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अग्निशमन के लिए दो फायर बोट का इंतजाम किया गया था जिनका मुख्य उद्देश्य नदी के बीच में नाव में लगने वाली आग और नदी में तैरते रेस्टोरेंट की सुरक्षा करना था लेकिन वहां कुंभ के दौरान इस प्रकार की कोई घटना नहीं घटित हुई जिसकी वजह से यह फायर बोट वापस लखनऊ भेज दी गई थी। माघ मेला 2026 के बीच इन बोट को वापस ड्यूटी पर लाया गया है। आज इन फायर बोट का ट्रायल किया गया और अग्निशमन विभाग ने इस ट्रायल के साथ यह भी साफ कर दिया कि तटीय क्षेत्र एवं नदी के बीच अगर कोई आग लगती है तो अग्निशमन विभाग नदी के तट से 25 फुट की दूरी तक लगी आग को इस वोट की सहायता से बुझा सकती है।

इस विषय पर जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी अग्निशमन माघ मेला अनिमेष कुमार सिंह ने बताया कि इस बोट का इस्तेमाल काफी आसान है इसमें लगे 80 हॉर्स पावर के इंजन और 165 डीबीएस के इंजन की वजह से इस बोट को कहीं पर भी बढ़िया आसानी से ले जाए जा सकता है। इसकी पानी फेंकने की क्षमता लगभग 25 से 30 फुट की है यानी कि तराई इलाको में जहां पर अग्निशमन की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही है वहां पर इन बोट का इस्तेमाल करते हुए नदी से पानी लेते हुए अग्निशमन का कार्य किया जा सकता है।

बोट के कमान संभालने वाले सी ओ अग्निशमन राजेश साहनी का कहना है कि इसकी मारक क्षमता काफी त्वरित है और यह वोट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 6 लोगों द्वारा अग्निशमन एवं बचाव कार्य दोनों बड़ी आसानी से किया जा सकते हैं। नाव में लगने वाली आग़ या किनारो में लगने वाली आग पर भी यह जल्द से जल्द पहुंचकर अग्निशमन का कार्य कर पाता है निचले पानी पर भी इस बोट को चलाने में किसी प्रकार का कोई असुविधा नहीं होगी तथा सटीक सूचना के आधार पर इस वोट की सहायता से हम मिनटो में आग बुझा सकते हैं।

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