भुवनेश्वर , अप्रैल 14 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को ओडिशा में 375.36 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जो राज्य में अवसंरचना एवं कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
श्री प्रधान ने स्थानीय लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी वितरित किया। ये घोषणाएं महा विश्व संक्रांति (उड़िया नव वर्ष) और बी. आर. अंबेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर की गईं। उन्होंने इन परियोजनाओं को संबलपुर जिले के कुचिंदा, बामरा और जमनकिरा क्षेत्रों के लिए एक बड़ा विकास उपहार बताया।
कुचिंडा और बामरा में अलग-अलग कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री ने 108.33 करोड़ रुपये की 39 परियोजनाओं का उद्घाटन किया और 267.3 करोड़ रुपये की अन्य 39 परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
प्रमुख पहलों में से एक कुचिंडा में 53 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक आधुनिक 100 बिस्तरों वाले उप-जिला अस्पताल और एक विशेष ट्रॉमा केयर सेंटर का निर्माण है। इस सुविधा से क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कुचिंडा यात्रा पोडिया और कुंडापोशी में 5.14 करोड़ रुपये की लागत से दो बहुउद्देशीय कल्याण मंडपों का उद्घाटन किया गया, जबकि छह करोड़ रुपये की लागत से कुचिंडा अधिसूचित क्षेत्र परिषद के एक नए कार्यालय की आधारशिला रखी गई।
श्री प्रधान ने इस बात पर बल दिया कि सरकार समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने संपर्क, स्वच्छता और ग्रामीण आर्थिक विकास में सुधार को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बामरा में नए स्वच्छता वाहनों की शुरुआत से स्वच्छ और कुशल शहरी जीवन को बढ़ावा मिलेगा। कुचिंडा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में पाइप द्वारा पेयजल पहुंचाने और पार्वती गिरि सिंचाई परियोजना के माध्यम से कृषि भूमि को सिंचाई सहायता प्रदान करने की योजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने प्रस्तावित अवसंरचना विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें बामरा में एक रेलवे ओवरब्रिज और बाजार क्षेत्र के लिए एक अंडरपास शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया जो विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है और कहा कि इससे शासन में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने लखपति दीदी योजना की भी प्रशंसा की जो महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक मान्यता प्राप्त करने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि समुदायों को सशक्त बनाना और अवसंरचना को मजबूत करना एक विकसित ओडिशा और एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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