नयी दिल्ली , नवंबर 09 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत से भूटान लाये गये भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वहां की जनता और सरकार की तरफ से श्रद्धापूर्ण और गर्मजोशी के साथ स्वागत के लिये आभार व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि भगवान बुद्ध के ये अवशेष शांति, करुणा और सद्भाव के शक्तिशाली प्रतीक हैं जो दोनों देशों की आध्यात्मिक विरासत को जोड़ते हैं।

श्री मोदी ने कहा, "भारत से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के श्रद्धापूर्ण स्वागत के लिए भूटान के लोगों और नेतृत्व का हार्दिक आभार। ये अवशेष शांति, करुणा और सद्भाव के शाश्वत संदेश का प्रतीक हैं। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमारे दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत के बीच एक पवित्र कड़ी हैं।"ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री मोदी 11 नवंबर से भूटान की दो दिवसीय यात्रा पर जायेंगे, जहां 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-द्वितीय जलविद्युत परियोजना का वह नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ उद्घाटन करेंगे, जो भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

श्री मोदी भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के समारोह में भी भाग लेंगे और द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात करेंगे।

इसके अलावा, श्री मोदी वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भाग लेंगे और थिम्पू के ऐतिहासिक ताशिछोद्ज़ोंग मठ में पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करेंगे, जो दोनों पड़ोसियों के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूत करेगा।

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह यात्रा भारत-भूटान संबंधों को मज़बूत करने और क्षेत्रीय व वैश्विक चुनौतियों का मिलकर समाधान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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