नयी दिल्ली , दिसंबर 04 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर वन्य प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा है कि देश में चीतों की बढ़ती आबादी बेहद उत्साहजनक है और भारत में जन्मी एक मादा चीता द्वारा पांच शावकों को जन्म देना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि चीते भारतीय वातावरण में पूरी तरह रच-बस चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के लिखे एक लेख को साझा किया है जिसमें बताया गया है कि कैसे चीता पुनर्वास कार्यक्रम वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा कि देश में चीतों की बढ़ती आबादी बेहद उत्साहजनक है। श्री मोदी ने कहा, "भारत में जन्मी एक मादा चीता द्वारा पांच शावकों को जन्म देना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि चीते भारतीय वातावरण में पूरी तरह रच-बस चुके हैं।"श्री मोदी ने भारत में चीतों की बढ़ती आबादी को लेकर भी उम्मीद जतायी और इसे भारतीय माहौल में इस प्रजाति के सफल सामंजस्य का "पक्का सबूत" बताया।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किये गये एक संदेश में प्रधानमंत्री ने समर्पित संरक्षणवादी वन्य जीव प्रेमियों को चीतों की रक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं और इस पहल को पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, "तीन साल पहले, हमारी सरकार ने इस महत्वपूर्ण जानवर को बचाने और उस पारिस्थितिकी तंत्र को ठीक करने के मकसद से प्रोजेक्ट चीता शुरू किया था, जिसमें यह सच में फल-फूल सके। यह खोई हुई पारिस्थितिकी विरासत को फिर से ज़िंदा करने और हमारी जैव विविधता को मज़बूत करने की भी एक कोशिश थी।"चीता को फिर से लाने का अभियान 2020 में शुरू हुआ था, इसका मकसद इस प्रजाति को एक बार फिर से उसके पुराने स्थान पर फिर से बसाना था, ताकि दशकों से चली आ रही गिरावट और स्थानीय विलुप्ति को रोका जा सके। यह अभियान न सिर्फ़ चीतों के ज़िंदा रहने पर फोकस करता है, बल्कि इलाके के पूरे पारिस्थितिकी संतुलन और जैव विविवधता को भी बढ़ाने पर फोकस करता है।
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