भोपाल , नवम्बर 3 -- मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज योग और आयुर्वेद जैसी भारत की प्राचीन विधाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से आयुर्वेद और योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहे, बल्कि विश्वभर में स्वस्थ जीवनशैली के प्रतीक बन गए हैं।

श्री तोमर सोमवार को राजधानी में रानी दुलैया स्मृति आयुर्वेद महाविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी "निरामय 3.0" में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सेमिनार का विषय था "डिजिटल युग के लिए आयुर्वेदः एकीकरण, नवाचार और वैश्विक प्रसंगिता।"उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में गहराई से जुड़ा हुआ है, लेकिन समय के साथ हम अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से दूर होते गए। पूर्व में इसे चिकित्सा पद्धति में उचित स्थान नहीं दिया गया, किंतु अब भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा इसे पुनः गौरव प्रदान करने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान जैसी संस्थाओं ने आयुर्वेद को नई पहचान दी है।

श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमेशा कहते हैं कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए, और आज उनके प्रयासों से आयुर्वेद व योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले आयुर्वेद को गरीब वर्ग की चिकित्सा प्रणाली समझा जाता था, परंतु आज यह आधुनिक विज्ञान और डिजिटल तकनीक से जुड़कर वैश्विक चिकित्सा का अभिन्न अंग बन गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोग्य भारती के माध्यम से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में सराहनीय योगदान दिया है। भारत सरकार ने भी आयुर्वेद को डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा केवल उपचार का साधन नहीं, बल्कि बीमारियों की रोकथाम का कवच हैं। इन पद्धतियों को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर हम निरोग और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

कार्यक्रम में आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री डॉ. अशोक वार्षणेय, पद्मश्री डॉ. इंद्रमनु आबा, जर्मनी की चिकित्सक डॉ. स्टेफेनिया लॉर्नेज, डॉ. नितिन अग्रवाल, महाविद्यालय के संचालक हेमंत सिंह चौहान सहित वरिष्ठ चिकित्सक, गणमान्यजन एवं छात्र उपस्थित रहे।

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