बारां , दिसम्बर 31 -- राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों को सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत राजस्थान के बारां जिले में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता हुकमचंद मीना ने बुधवार को बताया कि योजना का मूल उद्देश्य संपर्क सड़क से वंचित गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना रहा है। योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2001 की जनगणना को आधार मानते हुए 500 मीटर (पहाड़ी क्षेत्रों में 1.50 किमी) की परिधि में आने वाले सभी आवासों की आबादी को सम्मिलित किया गया।

उन्होंने बताया कि बारां जिले में वर्ष 2001 से 2012 तक प्रथम चरण के तहत 311 सड़कों की 841.65 किलोमीटर लंबाई के निर्माण के लिए 178.43 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, द्वितीय चरण में 40 सड़कों एवं 12 पुलियाओं सहित 197.83 किलोमीटर लंबाई के कार्य 85.62 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण किए गए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का तृतीय चरण मई 2019 में प्रारंभ हुआ, जिसके तहत जिले में 59 सड़क निर्माण कार्य कराए गए। इनमें 262.25 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण 105.26 करोड़ रुपए की लागत से किया गया। इस चरण में नवीन तकनीकों जैसे सेल फील्ड, कंक्रीट एवं प्लास्टिक कोटेड गिट्टी का उपयोग किया गया है।

श्री मीना ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना के तहत जिले में 38 सड़कों की 98.69 किलोमीटर लंबाई के लिए 68.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनके निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण में जिले की 12 सड़कों की 35.97 किलोमीटर लंबाई के लिए 25.15 करोड़ रुपए की राशि से निर्माण कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिली है।

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