अगरतला , अक्टूबर 25 -- त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) ने आरोप लगाया है कि त्विपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मन का उद्देश्य दरअसल पहचान की राजनीति को मुद्दा बनाकर राज्य का मुख्यमंत्री बनना है।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के नेतृत्व में शनिवार की रात आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ भाजपा सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की कि प्रद्योत की हालिया गतिविधियां राज्य सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से एक सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती हैं।
भाजपा नेताओं की यह टिप्पणी धलाई जिले के शांतिरबाजार में हुए हिंसक बंद के बाद आई है। शांतिबाजार में विरोध-प्रदर्शन अराजकता में बदल गया। दुकानों और वाहनों में आग लगा दी गई और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सहित कई अधिकारी हमलों में घायल हो गए।
भाजपा नेताओं ने लोक सेवकों और नागरिकों पर हमलों के बाद प्रद्योत किशोर की चुप्पी को लेकर आरोप लगाया कि सहयोगी होने के बावजूद त्विपरा मोथा ने नागरिक समाज की पहल के नाम पर आंदोलन चलाकर प्रशासन को लगातार कमजोर करने की कोशिश की है।
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