पटना, जनवरी 20 -- िहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में भूमि मापी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल जमीनी विवादों पर विराम लगाने की दिशा में मददगार साबित होगा।
श्री कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए सात निश्चय कार्यक्रम -3 के तहत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने भूमि मापी की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है और इससे जमीन सबंधी विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि श्री कुमार की इस पहल से राज्य में कई दशकों से चले आ रहे जमीनी विवादों पर पूर्णविराम लगाने की उमीद है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत 31 जनवरी 2026 तक भूमि मापी से संबंधित सभी लंबित आवेदनों का निपटारा विशेष अभियान के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही 01 अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक की तरफ से मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम सात कार्यदिवस के भीतर मापी पूरी की जाएगी, जबकि विवादित जमीन की मापी के लिए मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 11 कार्यदिवस के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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