बैतूल , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई-मसोद रोड पर स्थित नगर पालिका की कचरा खंती अब तेजी से बढ़ते रहवासी क्षेत्र के बीच आ गई है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कभी नगर सीमा से बाहर रही यह डंपिंग साइट अब आबादी के करीब पहुंच चुकी है। लंबे समय से चली आ रही स्थानांतरण की मांग अब पूरी होती नजर आ रही है।

गुरुवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, छिंदवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी अरविंद तिवारी, एसडीएम राजेश कहार और नगर पालिका उपयंत्री योगेश अनेराव ने कचरा स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचनामा तैयार किया गया, जिससे संकेत मिला कि डंपिंग साइट हटाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।

यह कार्रवाई क्षेत्र के निवासी गुड्डू पाटेकर की शिकायत पर की गई थी, जिसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में दर्ज कराया गया था। इसके बाद राजस्व विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने स्थल की जांच कर रिपोर्ट तैयार की। अब प्रशासन नगर से दूर नया डंपिंग स्थल तय करने के लिए शासन की रिक्त भूमि की तलाश कर रहा है।

नगर पालिका ने पिछले पांच वर्षों में कचरा प्रबंधन पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसका संतोषजनक परिणाम नहीं मिला। मौजूदा डंपिंग साइट तालाबों और अन्य जलस्रोतों को प्रदूषित कर रही है, जिससे आसपास के नागरिकों में स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं।

नगर पालिका के उपयंत्री योगेश अनेराव ने बताया, "संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी है। बढ़ते रहवासी क्षेत्र को देखते हुए स्थान परिवर्तन आवश्यक है। एसडीएम ने तहसीलदार को नई भूमि चयन के निर्देश दिए हैं।"प्रशासन का मानना है कि नया स्थल नगर सीमा से कम से कम 4-5 किलोमीटर दूर होना चाहिए, ताकि अगले 20 वर्षों तक बढ़ते आवासीय क्षेत्रों से दूरी बनी रहे और नागरिकों को कचरे से राहत मिल सके।

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