नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए 12 महीने, सातों दिन काम कर रही है और इसके लिए अल्प एवं दीर्घकालीन विस्तृत योजनाएं बनाकर उन्हें प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है।

श्रीमती गुप्ता ने आज यहां वायु प्रदूषण के नियंत्रण को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदूषण पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली सरकार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्र सरकार का मार्गदर्शन लगातार मिल रहा है। दोनों सरकारें चाहती हैं कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जाए, इसलिए न तो कोई अड़चन है और न ही बजट की कमी। उनकी सरकार चार वर्षों की अवधि में वायु प्रदूषण (पीएम 2.5) के स्तर में पर्याप्त कमी लाने के लिए एक स्पष्ट, मापने योग्य और परिणाम-उन्मुख कार्य योजना पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कड़े उपाय लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार तकनीकी उपायों के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता और व्यवहार में परिवर्तन प्रदूषण नियंत्रण की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। ट्रैफिक जाम से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए 62 'कंजेशन पॉइंट्स' की पहचान की गई है, जिनमें से 30 पर तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली सरकार ने डीटीसी से 1,200 अतिरिक्त कर्मी ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।

दिल्ली सरकार ने व्यापक सड़क सुधार कार्यों के लिए 6,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है। दिल्ली में कुल लगभग 3,300 किमी सड़क की लंबाई को फिर से बनाने या सुधारने की आवश्यकता है। सड़क की धूल, जो प्रदूषण में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है, इससे निपटने के लिए बड़े पैमाने पर मशीनीकृत सड़क सफाई और धूल दबाने के उपाय लागू किए जा रहे हैं। सड़कों से धूल और मलबे को कुशलतापूर्वक हटाने के लिए मशीनों और स्प्रिंकलर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे हवा में प्रदूषित तत्वों को रोकने और शहर में समग्र पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार करने में मदद मिलती है।

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