नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संबंधी कुछ मुख्य प्रस्ताव इस पर है:-नया आय कर अधिनियम, 2025, दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो जाएगा।
-सरलीकृत आय कर नियमावली और प्रपत्रों को शीघ्र ही अधिसूचित कर दिया जाएगा।
- नए फॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि, आम नागरिक आसानी से उसका अनुपालन कर सके।
- किसी व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा दिलाए गए मुआवजे पर आय कर स्रोत पर कर कटौती से छूट।
- विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री आय पर स्रोत पर कर कटौती (टी.सी.एस.) की दर मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम कर दोप्रतिशत की गयी।
- श्रम आपूर्ति के कारोबार पर टी.डी.एस. की व्यवस्था सरल , श्रम गहन कारोबार को लाभ होगा।
- करदाताओं की सुविधा के लिए डिविडेंट, निवेश से प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्वीकार करने के लिए सिंगल विंडो।
-संशोधित रिटर्न के लिए समयसीमा मामूली शुल्क के भुगतान के साथ 31 दिसम्बर से बढ़ाकर 31 मार्च की गई।
- अनिवासी द्वारा देश में बेची गयी अचल संपत्ति की बिक्री पर टी.डी.एस. टैन की जगह निवासी (स्थानीय) क्रेता के पैन पर आधारित चालान के माध्यम से जमा कराए जा सकते हैं।
-छोटे करदाताओं को अपनी विदेशी आय या संपत्ति की घोषणा के लिए एकमुश्त छह महीने की छूट की योजना।
- आई.टी. आकलन और जुर्माने की कार्यवाही को सामान्य रूप से एकीकृत करने का प्रस्ताव है, करदाताओं को अपनी पुन: आकलन कार्यवाही के बाद रिटर्न अपडेट कराने की छूट।
-आय का गलत विवरण देने वालों को शत प्रतिशत अतिरिक्त आय कर के भुगतान से अभियोजन से छूट दी जा सकेगी।
-सहकारिता क्षेत्र के लिए कर प्रावधानों में आसानी- पशुचारे और बिनौले की आपूर्ति करने प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को भी दूध, तिलहन, फल या सब्जियों में लगी ऐसी संस्थाओं को मिलने वाली कटौती का लाभ दिया गया।
- किसी अधिसूचित राष्ट्रीय सहकारी संघ द्वारा दिनांक 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में दिए गए उनके निवेश पर प्राप्त लाभांश आय पर तीन वर्ष की अवधि के लिए छूट देने का प्रस्ताव।
-सूचना प्रौद्योगिकी और आई.टी. सेवा क्षेत्र को कर प्रोत्साहन-सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, आई.टी. समर्पित सेवाओं,नॉलेज प्रासेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित सेवाएं 15.5 प्रतिशत के एक समान सेफ हार्बर मार्जिन के तहत आएंगी। सेफ हार्बर प्राप्त करने की वर्तमान सीमा को तीन सौ करोड़ रुपये बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव।
- भारत में डाटा केन्द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक तौर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक कर में रियायत। यदि, डाटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी विदेशी कंपनी से संबंधित है तो उसे लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर मार्जिन का का लाभ प्रदान किया जाएगा।
- आय की गणना और सूचना देने के मानकों (आईसीडीएस) के व्यवस्थाओं को भारतीय लेखांकन मानक में ही जोड़ने की सिफारिश के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित अलग लेखांकन की जरूरत को खत्म होगी।
- प्रवर्तकों द्वारा शेयर बायबैक के अनुचित उपयोग को रोकने के लिए कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर बायबैक के मामले में प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट के लिए 30 प्रतिशत होगा।
-एल्कोहल युक्त लीकर, स्क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत किया जाएगा , तेंदु पत्ते पर 5 प्रतिशत की दर को घटाकर दो प्रतिशत किया जाएगा।
- वायदा कारोबार में प्रतिभूतियों की खरीद-फरोख्त पर कर (एसटीटी) में को 0.02 प्रतिशत से बढाकर 0.05 प्रतिशत किया। ऑप्शन प्रीमियम और ऑप्शन के उपयोग- दोनों पर एसटीटी की मौजूदा 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत की गयी।
- न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को अंतिम कर बनाए जाने का प्रस्ताव है, 01 अप्रैल, 2026 से मैट में क्रेडिट (लाभ) का संचय नहीं होगा। इस परिवर्तन के अनुरूप 15 प्रतिशत की मौजूदा मैट दर को कम करके 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
अप्रत्यक्ष कर :- निर्यात के लिए तैयार किये जाने वाले सी-फूड उत्पादों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली विशेष चीजों के कर मुक्त आयात की सीमा एफओबी मूल्य के मौजूदा एक प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत की गयी।
- बैटरियों के लिए लीथियम-आयन सेलों के निर्माण हेतु इस्तेमाल में आने वाली पूंजीगत सामग्रियों के लिए मूलभूत सीमाशुल्क की छूट का विस्तार।
-सोलर ग्लास के निर्माण में इस्तेमाल हेतु सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूलभूत सीमाशूल्क से छूट मिलेगी।
- न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं के लिए आवश्यक सामग्रियों के आयात पर मौजूदा मूल-भूत सीमा शुल्क का वर्ष 2035 तक विस्तार किया जाएगा।
- महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत सामग्रियों के आयात के लिए मूल-भूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी।
- बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के भुगतान की गणना के समय बायोगैस के पूरे मूल्य पर छूट दी जाएगी।
- असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमा-शुल्क में छूट।
- रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमा-शुल्क में छूट दी जाएगी।
इलैक्ट्रॉनिक्स: माइक्रोवेब ओवन के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पुर्जों पर मूलभूत सीमा-शुल्क में छूट ।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) की पात्र इकाइयों को घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र (घरेलू बाजार) में रियायती शुल्क पर माल बेचने की एकबारगी छूट। यह छूट उनके निर्यात के एक निर्धारित अनुपात में होगी।
- व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात की जाने वाली सभी कर योग्य सामग्रियों पर टैरिफ दर को 20 प्रतिशत के घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
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