नयी दिल्ली , नवंबर 19 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग को बदनाम करने का प्रयास करने संबंधी देश के 272 प्रतिष्ठित नागरिकों के खुले पत्र पर पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि 2014 से पहले प्रतिष्ठित नागरिक सरकार से सवाल करते थे पर अब ये विपक्ष पर सवाल उठा रहे हैं।

गौरतलब है कि कई पूर्व जजों, सेवानिवृत्त नौकरशाहों, पूर्व राजदूतों और पूर्व सैन्य अधिकारियों समेत 272 वरिष्ठ नागरिकों ने मंगलवार को एक खुले पत्र में आरोप लगाया था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं और श्री गांधी की इस महत्वाकांक्षा की वे निंदा करते हैं। पत्र में प्रतिष्ठित नागरिकों ने लिखा कि आयोग पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से देश के लोकतंत्र को मजबूत करने का काम कर रहा है और उस पर पक्षपात का आरोप लगाना निराधार तथा राजनीति से प्रेरित है।

कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को इस पत्र और इसे लिखने वाले सभी लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी के इतने सारे सबूत देखकर भी आँखों पर पट्टी बाँधना और उल्टी बात करने वालों में कोई भी पूर्व चुनाव आयुक्त क्यों नहीं है? ।पुलिस वाले क़ानून व्यवस्था पर बात नहीं कर रहे, पूर्व उच्चायुक्त विदेश नीति पर नहीं बोल रहे हैं, सुरक्षा एजेंसी वाले पहलगाम से लेकर दिल्ली बम ब्लास्ट की विफल खुफिया एजेंसी पर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सब के सब चुनाव आयोग की पैरवी कर रहे हैं।

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