नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसका जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस आदिवासी विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम तथा उनके साथ उत्तर प्रदेश के गाजीपुर गए प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी की हत्या हुई है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल कल पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें सांत्वना देने जा रहा था लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने धारा 163 का हवाला दिया। उनका कहना था कि कानून में पीड़ित की पहचान उजागर न करने का प्रावधान है लेकिन प्रशासनिक आदेश में ही पीड़ित की पहचान सामने आ रही है, जो नियमों के विपरीत है।

श्री गौतम ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई बड़े राज्यों में दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में घोड़ी पर बारात लेकर जा रहे एक दलित दूल्हे के साथ मारपीट की गई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि कोई राजनीतिक दल या उसका प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जाता है तो उसे रोका जाता है। कई मामलों में प्रतिनिधिमंडल पर हमले होते हैं, लेकिन कार्रवाई हमलावरों पर करने के बजाय मिलने जा रहे लोगों पर ही की जाती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी में पार्टी कार्यालय तक जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसे उन्होंने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी सत्ता के दबाव में विपक्ष, दलितों, पिछड़ों और मजदूरों के खिलाफ शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि वर्तमान हालात चिंताजनक हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित