चेन्नई , नवंबर 03 -- तमिलनाडु के आईटी और डिजिटल सेवा मंत्री डॉ. पलानीवेल त्याग राजन तथा राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भारत रत्न एवं प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन की जीवनी का लोकार्पण किया।

डॉ राजन और श्री हासन ने कल शाम यहां यह लोर्कापण किया। श्री स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति का जनक माना जाता है।

"द मैन हू फेड इंडिया" नामक यह जीवनी के लेखक प्रियंबदा जयकुमार है और हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित की गई है।

श्री हासन ने अपने संबोधन में भारत में खाद्य और पोषण सुरक्षा में प्रोफेसर स्वामीनाथन के अभूतपूर्व योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "वे उस पीढ़ी के थे जिसने स्वतंत्रता को अवकाश के रूप में नहीं, बल्कि श्रम के रूप में, एक टूटे हुए राष्ट्र के पुनर्निर्माण के पवित्र कर्तव्य के रूप में देखा। उनके लिए भोजन ही नियति थी - एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर भारत की नियति।"लेखक प्रियंबदा ने प्रो. स्वामीनाथन के बारे में अपने संबोधन में कहा, "उनका जीवन कहानियों का भंडार था - लचीलेपन, आशा और लोगों की भलाई में अटूट विश्वास की। वह दूसरों को चमकने और अपने सबसे बड़े सपनों से आगे बढ़ने का एक पल देने में विश्वास करते थे।" उन्होंने कहा कि "द मैन हू फेड इंडिया" कुंभकोणम में प्रो स्वामीनाथन के शुरुआती वर्षों और नोबेल पुरस्कार विजेता नॉर्मन बोरलॉग के साथ सहयोग से लेकर भारत की हरित क्रांति में उनकी अग्रणी भूमिका की असाधारण यात्रा का वृत्तांत प्रस्तुत करती है।

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