पटना , जनवरी 11 -- बिहार भवन निर्माण विभाग की ओर से राज्य के 299 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध से पूर्ण करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन दक्षिण बिहार उपभाग एवं पटना उपभाग के अभियंताओं, संवेदकों एवं उनके साइट इंजीनियर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन शनिवार को उत्तर बिहार उपभाग के अभियंता, संवेदक एवं संवेदक के साइट इंजीनियर्स ने सक्रिय रूप से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने कार्यक्रम में अभियंताओं, संवेदकों तथा उनके साइट इंजीनियर्स को संबोधित कर उन्हें उच्च मानक स्तर निर्माण कार्य सुनिश्चत करने के लिये मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संवेदक, साइट इंजीनियर और विभागीय अभियंता एक टीम के रूप में कार्य करें। किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी अस्वीकार्य होगी।
सचिव श्री रवि ने कहा कि परियोजना के उच्च गुणवत्ता भवनों के निर्माण में साइट्स इंजीनियर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री एवं कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर साइट इंजीनियर को तत्काल बैन किया जाएगा। इसके अलावा गड़बड़ी मिलने पर संवेदक को डिबार कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले संवेदकों एवं साइट इंजीनियर्स को अतिरिक्त तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से करना होगा।
श्री रवि ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों के निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन करने एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने का निदेश दिया। विभाग की अन्य परियोजना के लिए इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में अभियंताओं एवं संवेदकों के लिए आयोजित किए जाएंगे।
इसके बाद विभाग के प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में विभाग के वरीय पदाधिकारियों एवं अभियंताओं द्वारा प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों के वास्तुशिल्पीय, संरचनात्मक डिजाइन, विद्युत फिटिंग्स, कार्य निष्पादन, ग्रीन फीचर बिल्डिंग, गुणवत्ता जांच सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
भवन निर्माण विभाग द्वारा राज्य में 240 प्रखंडों में जर्जर अथवा गैर-मरम्मति योग्य प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों के नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, 59 भवनहीन प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर भवन का निर्माण एवं परिसर के विकास कार्य किया जा रहा है। प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर के निर्माण हेतु प्रति प्रखंड 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार रुपये तथा पुराने भवन की जगह नये प्रखंड सह-अंचल कार्यालय भवन के निर्माण के लिए प्रति प्रखंड 16 करोड़ 62 लाख 10 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के प्रशासनिक भवन (जी 2) में प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी सहित प्रखंड स्तरीय अन्य पदाधिकारियों के कार्यालय, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, आरटीपीएस काउंटर, कैंटिन और रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था होगी। प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय परिसरों में प्रशासनिक भवन के साथ-साथ आवासीय सुविधाएं भी होंगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए भी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भवनों की छत पर सोलर पैनल का अधिष्ठापन किया जाएगा, जिससे कार्यालय भवन में बिजली की बचत होगी।
इस अवसर पर विभाग के वरीय पदाधिकारी, अभियंतागण, बड़ी संख्या में संवेदक एवं साइट इंजीनियर्स उपस्थित रहे।
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