नयी दिल्ली , जनवरी 19 -- पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की सोमवार को भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए राजधानी पहुंचे। वह तीन दिवसीय भारत दौरे पर आये हैं।
श्री सिकोर्स्की का स्वागत विदेश मंत्रालय की अपर सचिव पूजा कपूर ने किया।
उनकी यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और भारत और पोलैंड के बीच सहयोग के नये क्षेत्रों का पता लगाना है।
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने की संभावना है। इस मुलाकात में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "नयी दिल्ली में आपका हार्दिक स्वागत है। पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की आज नयी दिल्ली पहुंचे। नयी दिल्ली में उनके कार्यक्रम भारत-पोलैंड रणनीतिक साझीदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं।"राजधानी पहुंचने से पहले श्री सिकोर्स्की 17 से 18 जनवरी को जयपुर गये थे। वहां जयपुर साहित्य महोत्सव में भाग लिया।
सिकोर्स्की ने "संकट में महाद्वीप: रूस, यूक्रेन और यूरोपियन कहानी" विषय पर आधारित एक सत्र में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने विस्तार से बताया कि युद्ध ने यूरोपियन महाद्वीप की स्थिरता पर कैसे असर डाला है और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से चीन को कैसे रणनीतिक फायदा मिला है।
रूस-चीन संबंधों पर सिकोर्स्की ने कहा, "रूस को अब सस्ता तेल बेचने को मजबूर किया जा रहा है और उच्च गुणवत्ता के सामान, इंटरनेट एक्सेस और साइबर सेवाओं के लिए चीन पर निर्भर होता जा रहा है।"उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि रूस उत्तर कोरिया को मिसाइल और परमाणु तकनीक प्रदान कर रहा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताते हुए श्री सिकोर्स्की ने कहा, "यह संघर्ष एक क्षेत्रीय विवाद से कहीं अधिक है और यूरोप की व्यापक सुरक्षा संरचना के लिए गंभीर चुनौती है।"पोलैंड की रक्षा प्राथमिकताओं पर कहा, "देश अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जीडीपी का 4.7 प्रतिशत रक्षा पर खर्च कर रहा है और यूरोपीय सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"उन्होंने यूक्रेन के लोगों से 'दृढ़ रहने' और 'अपनी संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा जारी रखने' का आग्रह भी किया।
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