चेन्नई , जनवरी 15 -- तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से में वार्षिक पोंगल उत्सव से जुड़ा बैलों को काबू करने वाले पारंपरिक 'जल्लीकट्टू' खेल का आयोजन शुक्रवार को मदुरै जिले के पालमेडु में मंजमलाई नदी तट पर किया गया।
यह मदुरई में तीन प्रमुख जल्लीकट्टू आयोजनों में से दूसरा है। पहला गुरुवार को अवनियापुरम में आयोजित किया गया था और अंतिम कार्यक्रम शनिवार को 'ब्लू रिबैंड' श्रेणी का विश्व प्रसिद्ध 'अलंगनल्लूर जल्लीकट्टू' होगा।
शुक्रवार के आयोजन के लिए 1,000 बैलों और 600 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया । पशु चिकित्सकों ने बैलों और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य व नशे की जांच के बाद, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सुबह आठ बजे पालमेडु जल्लीकट्टू को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये गये थे, जबकि घायलों के तत्काल इलाज के लिए कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल टीमें और एंबुलेंस मौजूद रहीं।
आयोजन की मुख्य विशेषता थी लोकप्रिय फिल्म अभिनेता सूरी की उपस्थिति। उन्होंने उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को बैल की प्रतिमा भेंट की, जो जल्लीकट्टू के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। यह कार्यक्रम त्रिची जिले के पेरिया सुरियूर गांव में नये बने जल्लीकट्टू एरिना में भी आयोजित किया गया था।
शनिवार को अलंगनल्लूर कार्यक्रम को मुख्यमंत्री एम के स्टालिन हरी झंडी दिखायेंगे। देश और विदेश से आये हजारों पर्यटक भव्य अलंगनल्लूर कार्यक्रम में शामिल होंगे।अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए विशेष गैलरी बनायी गयी है और परंपरा के अनुसार वादीवासल (वह प्रवेश द्वार जहां से बैल मैदान में जाते हैं ) को मौके के अनुरूप सजाया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित