बैतूल , अप्रैल 11 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर स्थित लाइफ कॅरियर सीनियर सेकंडरी स्कूल में शनिवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सिविल कोर्ट की न्यायाधीश चारु व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश व्यास ने बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेज) अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 14 नवंबर 2012 से लागू है और इसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस कानून में अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शाहिद बेग ने भारतीय संविधान, नागरिकों के मूल अधिकारों एवं कर्तव्यों के साथ-साथ बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

इस अवसर पर अधिवक्ता शिवली गोस्वामी ने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से बचने के लिए कानूनी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की प्राचार्या निशा यादव ने की। संचालन शिक्षक दीपक रघुवंशी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अधिवक्ता हसीब बेग ने व्यक्त किया। शिविर में स्कूल स्टाफ, पैरालीगल वॉलेंटियर्स और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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