बैतूल , जनवरी 1 -- इंदौर में दूषित पानी से लोगों के बीमार होने की घटना के बाद मुलताई के हरदोली डेम स्थित फिल्टर प्लांट में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। गंदे पानी की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विवेकानंद वार्ड की पार्षद अंजलि शिवहरे ने बुधवार को फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जल शुद्धिकरण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाली ब्रिज रोटर मशीन बंद पाई गई। मौके पर मौजूद नगरपालिका कर्मचारी ने बताया कि मशीन काफी समय से बंद है, जिससे पानी से गंदगी अलग करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और बिना पर्याप्त फिल्टरिंग के ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस पर पार्षद अंजलि शिवहरे ने नाराजगी जताते हुए जलप्रदाय प्रभारी योगेश अनेराव से चर्चा की और मशीन को तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए। जलप्रदाय प्रभारी ने मशीन शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया।

पार्षद ने बताया कि कुछ माह पूर्व भी दूषित पानी की सप्लाई से शहर में कई लोग बीमार हुए थे। इंदौर की हालिया घटना के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद लापरवाही चिंताजनक है।

निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट परिसर में स्थित पानी जांच लैब भी बंद पाई गई। जानकारी के अनुसार लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होने के कारण जांच लैब बंद है। वर्तमान में केवल टीडीएस और पीएच स्तर की जांच की जा रही है, जबकि अन्य आवश्यक परीक्षणों के लिए महीने में केवल एक बार पानी के सैंपल बैतूल भेजे जाते हैं।

पार्षद अंजलि शिवहरे ने कहा कि रोजाना पानी की जांच आवश्यक है, जिसमें रंग, स्वाद, कठोरता और बैक्टीरिया की जांच शामिल होती है। लैब बंद होने से यह संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से शीघ्र लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति, पानी जांच लैब को पुनः शुरू कराने और फिल्टर प्लांट की सभी मशीनों को नियमित रूप से चालू रखने की मांग की है।

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