जयपुर , जनवरी 28 -- राजस्थान में इंजीनियर हर्षाधिपति के साथ मारपीट के बहुचर्चित मामले में बुधवार को अनुसूचित जाति, जनजाति न्यायालय ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित सात लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
इस मामले में जिन आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं, उनमें गिर्राज सिंह मलिंगा, राकेश, भोला, सचिन, गुमान, प्रमोद और समीर शामिल हैं। एससी-एसटी न्यायालय के न्यायाधीश विद्यानंद शुक्ला ने सभी सातों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। इन धाराओं में अवैध भीड़ बनाना, सरकारी कर्मचारी से मारपीट, जानलेवा हमला, धमकी और आपराधिक साज़िश जैसे अपराध शामिल हैं।
यह मामला शुरू से ही संवेदनशील और विवादास्पद रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मामले को धौलपुर अदालत से स्थानांतरित करके जयपुर की एससी-एसटी न्यायालय में सुनवाई के लिए भेजा गया था। आज की कार्रवाई के साथ मामले की ट्रायल प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
मारपीट की यह घटना उस समय चर्चा में आई थी जब इंजीनियर हर्षाधिपति ने आरोप लगाया था कि भूमि संबंधी कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक गिर्राज मलिंगा एवं अन्य ने उनके साथ गंभीर मारपीट की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं।
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