चेन्नई , नवंबर 21 -- तमिलनाडु के विधायक सुदर्शनम की 2005 में हुई हत्या के मामले में लगभग 20 वर्ष बाद अदालत ने बावरिया गिरोह के तीन सदस्यों जगदीश, राकेश और अशोक को दोषी ठहराया है।

अदालत दोषियों को 24 नवंबर को सजा सुनायेगी, जबकि अन्य प्रमुख आरोपी जैंदर सिंह पर फैसला भी उसी दिन आएगा।

विदित हो कि श्री सुदर्शनम की घर में घुसकर हत्या की गई थी और गिरोह ने उनकी पत्नी-बेटी पर हमला कर 60 से अधिक सोने के गहने लूटे थे। मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक एस आर जांगिड़ के नेतृत्व में हुई थी।

सुदर्शनम के पुत्र और पूर्व विधायक के एस विजयकुमार ने फैसले का स्वागत किया और जांच दल का आभार व्यक्त किया। सुदर्शनम अन्नाद्रमुक सरकार में मंत्री भी रहे थे1 यह हत्या गुम्मिदीपोंडी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले पेरियापलायम के पास थानाकुलम गांव में हुयी थी।

तमिलनाडु में बावरिया गिरोह ने 1995-2005 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों के पास डकैती, हत्याओं और हमलों की 24 वारदातों को अंजाम दिया। गिरोह ट्रक चालकों का था और 32 आरोपियों में से नौ को पुलिस ने राजस्थान में गिरफ्तार किया। कुछ आरोपियों की मुठभेड़ में मौत हो गई, कुछ की जेल में मृत्यु हो गई, और एक महिला फरार हो गई। शेष चार आरोपियों में अदालत ने तीन - जगदीश, राकेश और अशोक - को दोषी ठहराया है, जबकि जैंदर सिंह पर फैसला 24 नवंबर को आएगा।

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