नयी दिल्ली , मार्च 09 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक यूट्यूबर के खिलाफ़ शीर्ष अदालत की एक पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ़ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई खत्म कर दी।

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह चेतावनी देते हुए कि मामले को बंद कर दिया कि ऐसा दोबारा होने पर गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

चंडीगढ़ के यूट्यूबर और वरप्रद मीडिया के मुख्य सम्पादक अजय शुक्ला ने अपनी वकील ईशा बख्शी के ज़रिए बिना शर्त माफ़ी मांगी। श्री शुक्ला ने यूट्यूबर चैनल 'द प्रिंसिपल' पर उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी के खिलाफ़ अपमानजनक आरोपों वाला एक वीडियो अपलोड किया था।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति एजी मसीह और न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर की पीठ ने 30 मई, 2025 को स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।

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