श्रीनगर , दिसंबर 10 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लगभग तीन दशक पुराने दंगे के मामले में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के पूर्व प्रमुख जावेद मीर और इस्लामिक स्टूडेंट्स लीग के प्रमुख शकील बख्शी को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि दोनों आरोपियों ने अलग-अलग दिन श्रीनगर की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बख्शी ने सोमवार को और मीर ने मंगलवार को आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने कहा कि यह गिरफ्तारी 1990 के दशक में उग्रवाद के लंबित मामलों के निपटारे के प्रयासों का हिस्सा है।

इन दोनों को श्रीनगर के शेरगारी पुलिस स्टेशन में 1996 में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया, जो जेकेएलएफ के छात्र विंग के संस्थापक हिलाल बेग की हत्या के विरोध में शहर में हुए प्रदर्शनों से संबंधित था।

एक अधिकारी ने कहा कि 17 जुलाई, 1996 को अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान हिंसा भड़कने के बाद आरपीसी की धारा 341, 148, 336, 332 के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 7/27 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

जावेद मीर उन चार जेकेएलएफ कमांडरों में से एक था जिन्होंने 1989 में हथियार उठाए और एक समूह का गठन किया जिसे बाद में एचएजेवाई समूह के नाम से जाना गया। समूह के दो संस्थापक सदस्य हमीद शेख और अशफाक मजीद 1990 के दशक की शुरुआत में मुठभेड़ों में मारे गए थे। मीर और यासीन मलिक ने बाद में हिंसा त्याग कर अलगाववादी राजनीति अपना ली थी।

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