रुद्रप्रयाग , मई 02 -- लंबे समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। उनके साथ कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता मीना शर्मा और घनसाली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके दर्शन लाल भारती भी भाजपा में शामिल हो गए।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में सभी नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, लक्ष्मी राणा पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में उनके लिए भाजपा से टिकट मिलना आसान नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इस सीट पर मौजूदा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लक्ष्मी राणा के भाजपा में शामिल होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे कांग्रेस से मोहभंग बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे जांच एजेंसियों के दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन अटकलों पर विराम लगाते हुए लक्ष्मी राणा ने स्पष्ट किया है कि उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से क्लीन चिट मिल चुकी है और उन्होंने विचारधारा से प्रभावित होकर भाजपा जॉइन की है।
इस राजनीतिक बदलाव के बाद उनके समर्थकों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके फैसले का समर्थन किया है, वहीं कुछ में नाराजगी और मायूसी का माहौल भी बताया जा रहा है।
फिलहाल, आगामी चुनावों को देखते हुए इस घटनाक्रम को प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है और इसके दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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