मोतिहारी , मार्च 14 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान 'साइबर प्रहार 2.2' के तहत साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 97 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है।
इन खातों के माध्यम से जिले में साइबर अपराध का रैकेट संचालित होने की आशंका जताई गई है!साइबर अपराध के पुलिस उपाधीक्षक अभिनव पाराशर ने संवाद एजेंसी 'यूनीवार्ता' को बताया कि इस मामले में एक दर्जन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें 30 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है।
श्री पाराशर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या यूपीआई किसी को न दें। ऐसा करना सीधे साइबर अपराध में संलिप्तता माना जा सकता है और दोषी पाए जाने पर जेल की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लेन-देन के हर मामले का डिजिटल रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध है।
साइबर सेल ने जिन खातों में संदिग्ध लेन-देन पाया है, उन खातों पर फिलहाल 'होल्ड' लगा दिया गया है। संबंधित खाताधारकों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्हें साइबर अपराध में सहभागी मानते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
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