मोतिहारी , जनवरी 02 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

चम्पारण क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिकिशोर राय ने एक इंस्पेक्टर और महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पर कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता का आरोप है।

गौरतलब है कि 18 दिसम्बर को जनता दरबार में पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात से सुगौली थाना कांड संख्या 438/25 की आवेदिका इमतरी खातून ने अनुसंधानकर्ता और दारोगा निधि कुमारी और पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) अशोक कुमार पाण्डेय पर आरोपी को अनुसन्धान में मदद पहुंचाने का आरोप लगाया था। पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच परिक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक श्रिषभ कुमार से करायी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 15 अगस्त 2025 की संध्या मोटरसाईकिल से आवेदिका इमतरी खातून के पति मोहम्मद अलियास उर्फ मो. अलियस अपने घर से ससुराल जा रहे थे। उस दौरान सुगौली थानान्तर्गत जनता चौक के समीप पुलिया के उत्तर सड़क पर मोटरसाईकिल एवं ट्रैक्टर में टक्कर हो गयी, जिसमें अलियास गंभीर रूप से घायल हो गये। इलाज के क्रम में सदर अस्पताल मोतिहारी में उनकी मौत हो गयी। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-281/106 (1) अन्तर्गत अज्ञात के विरूद्ध सुगौली थाना में काण्ड सं0-438/25 दर्ज किया गया। घटना प्रतिवेदित होने के एक सप्ताह के अंदर अंचल निरीक्षक, सुगौली अंचल के द्वारा उक्त ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा से सांठ-गांठ कर अपने मध्यस्थता में काण्ड के पीडित एवं ट्रैक्टर मालिक के साथ पंचायती करायी गयी। बदले में ट्रैक्टर मालिक का नाम काण्ड में नहीं देने के एवज में 60 हजार रूपया लेकर सुलह-समझौता करने का दबाव बनाया गया।

जांच के क्रम में यह बात भी प्रकाश में आयी है कि घटना प्रतिवेदित होने के चार माह बाद भी अंचल पुलिस निरीक्षक, सुगौली के द्वारा काण्ड पर्यवेक्षण टिप्पणी निर्गत नहीं की गयी थी। जिसे कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता का परिचायक माना गया है। जांच के क्रम में पाया गया कि ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा के भाई बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जिनका सीडीआर अवलोकन से अंचल निरीक्षक, सुगौली से काफी बातचीत होना पाया गया है। इस प्रभाव में अंचल निरीक्षक, सुगौली अंचल के द्वारा काण्ड ससमय पर्यवेक्षण नहीं किया गया है। बाहरी प्रभाव में आकर सही एवं तथ्यात्मक अनुसंधान न कर पंचायती का सहारा लिया गया। वादिनी के उपर दबाव बनाया गया जिससे मुख्य अभियुक्त ट्रेक्टर मालिक को बचाया जा सके। यह कृत्य अंचल निरीक्षक, सुगौली अंचल का कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता का परिचायक है।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के अनुशंसा के आलेक में बरती गयी कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता के आरोप में पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री राय ने सुगौली के पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कुमार पाण्डेय और अनुसंधानकर्ता दरोगा निधि कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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