पूर्णिया , मार्च 07 -- बिहार में पूर्णिया केंद्रीय कारा में बंद बंदियों के बनाये उत्पाद अब आम जनों के लिए भी उपलब्ध होंगे।

केंद्रीय कारा परिसर के मुख्य गेट पर स्थापित 'मुक्ति बाजार' का उद्घाटन जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने किया। इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद बंदियों को कौशल विकास से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

मुक्ति बाजार में बंदियों द्वारा तैयार किए गए कई तरह के खाद्य और हस्तशिल्प उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। इनमें हल्दी पाउडर, सरसों का तेल, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, चने का सत्तू, भूंजा चना जैसे खाद्य पदार्थों के साथ-साथ लकड़ी से बने नाव, फोटो फ्रेम और मोर सहित अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के विभिन्न जेलों में बंद बंदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद भी इस स्टाल पर उपलब्ध कराए गए हैं।

मोतिहारी केंद्रीय कारा के बंदियों द्वारा तैयार खादी के चादर, बैग, लैपटॉप बैग, पर्स और साबुन भी मुक्ति बाजार में बिक्री के लिए रखे गए हैं। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी अंशुल कुमार और केंद्रीय कारा अधीक्षक मनोज कुमार ने स्टाल का निरीक्षण किया और उत्पादों की गुणवत्ता की जानकारी ली।

इस मौके पर जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुक्ति केंद्र की स्थापना का उद्देश्य जेल में बंद बंदियों को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि बंदियों द्वारा तैयार चादर, खाद्य सामग्री, पूजा सामग्री और खेती से जुड़े सामान रियायती दरों पर आम लोगों को उपलब्ध होंगे। इन उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा उत्पाद बनाने वाले बंदियों को मिलेगा, जबकि कुछ राशि कारा प्रशासन के पास जमा होगी। इससे बंदियों को आगे बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

केंद्रीय कारा अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मुक्ति बाजार में केवल बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद ही उपलब्ध होंगे। बिहार के विभिन्न जेलों से उत्पाद मंगाकर भी इस आउटलेट पर रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्पादों की बिक्री से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा बंदियों को पारिश्रमिक के रूप में दिया जाएगा और उसका एक भाग पीड़ित परिवारों को भी मिलेगा, जिससे दोनों परिवारों को आत्मबल और स्वाभिमान प्राप्त होगा।उन्होंने बताया कि केंद्रीय कारा में कौशल विकास के तहत कंप्यूटर शिक्षा भी दी जा रही है। नलेड के सहयोग से 100 बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया गया, जिन्हें जिलाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वाले बंदियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।आने वाले समय में बंदियों द्वारा तैयार कुर्ता और शर्ट भी मुक्ति बाजार के आउटलेट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी मुक्ति बाजार से खरीदारी की और कहा कि यहां उपलब्ध उत्पाद गुणवत्ता में बेहतर हैं और बाजार की तुलना में कम कीमत पर मिल रहे हैं। उन्होंने लोगों से इस पहल को सहयोग देने की अपील की।

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