पटना , अप्रैल 04 -- राज्य में पूरक पोषाहार योजना के तहत टेक होम राशन(टीएचआर) का वितरण किया जा रहा है।

समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आईसीडीएस निदेशालय के स्तर से संचालित के एक लाख 15 हजार 64 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर टीएचआर का वितरण किया जा रहा है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर का वितरण अब चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) के माध्यम से हो रहा है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत जनवरी महीने में राज्य में कुल 54 लाख तीन हजार 766 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और छह महीने से तीन वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 53 लाख 82 हजार 471 लाभुकों का फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से सत्यापन किया जा चूका है। वहीं, टीएचआर वितरण में 45 लाख 56 हजार 22 लाभुकों की संख्या दर्ज की गई है।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले में सबसे अधिक दो लाख नौ हजार 480 लाभुकों को एफआरएस के जरिए टीएचआर वितरित किया गया। इसके बाद कटिहार में एक लाख 88 हजार 853, पूर्णिया में एक लाख 58 हजार 194, पश्चिम चंपारण में एक लाख 54 हजार 14, और गया में एक लाख 53 हजार 230 लाभुकों को राशन प्रदान किया गया।

आईसीडीएस निदेशालय के अधिकारी ने कहा कि फेस रिकग्निशन सिस्टम से न केवल वितरण प्रक्रिया पारदर्शी हुई है, बल्कि फर्जी लाभार्थियों की पहचान भी आसान हो गई है। इससे योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी सराही जा रही है, जहां पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से ऐसी तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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