लखनऊ , दिसम्बर 31 -- नववर्ष 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएँ दीं हैं। उन्होंने कहा कि बीता वर्ष पुलिस बल के लिए कर्तव्य, धैर्य और समर्पण की कठिन परीक्षा रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानून का इकबाल और जनता का भरोसा बनाए रखा।

डीजीपी ने अपने संदेश में कहा कि पुलिस की वर्दी केवल शक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता, संयम और जिम्मेदारी का भी परिचायक है। आम नागरिक जब किसी संकट में पुलिस की ओर देखता है, तो वह पद या रैंक नहीं देखता, बल्कि सुरक्षा और न्याय की अंतिम उम्मीद देखता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का व्यवहार, भाषा और निर्णय ही यह तय करता है कि राज्य जनता के साथ खड़ा है या नहीं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की असली ताकत हथियार या संख्या नहीं, बल्कि उसका सामूहिक मनोबल और टीमवर्क है। एकजुट होकर काम करने वाला बल ही चुनौतियों का सामना कर सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा के समन्वय से ही प्रभावी और आधुनिक पुलिसिंग संभव है।

डीजीपी ने बदलते अपराध स्वरूप की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि आज अपराध केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर स्पेस और नेटवर्क के माध्यम से भी फैल रहा है। ऐसे में तकनीक, डेटा विश्लेषण और साइबर सुरक्षा पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से तकनीक को चुनौती नहीं, बल्कि विश्वसनीय साथी के रूप में अपनाने की अपील की।

नव-भर्ती 60 हजार से अधिक आरक्षियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल की ऐतिहासिक शक्ति-वृद्धि है। थानाध्यक्षों से अपेक्षा की गई कि वे नए आरक्षियों को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और मानवीय मूल्यों के साथ तैयार करें। साथ ही, पुलिसकर्मियों के कल्याण, तनाव-प्रबंधन और सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

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