नयी दिल्ली , नवंबर 15 -- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को दक्षिण कोरिया के जिओजे में हनवा ओशन की विशाल जहाज निर्माण केंद्र का दौरा किया और भारत के पोत एवं टैंकर पोत तथा समुद्री परिवहन परिचालन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की तलाश की।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार 13-15 नवंबर तक दक्षिण कोरिया की यात्रा में श्री पुरी के कार्यक्रमों में इस जहाज निर्माण केंद्र का दौरा एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इसका उद्देश्य समुद्री परिवहन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार और जहाज निर्माण, बेड़ा विकास एवं पेट्रोलियम एवं तरल गैस परिवहन के क्षेत्र में में अवसरों का विस्तार करना है।
भारत आजादी के अपने अमृतकाल (2047 तक) में अपने वाणिज्यिक पोत परिवहन बेड़े की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, घरेलू जहाज निर्माण ढांचे के विस्तार और जहाज संचालन, समुद्री इंजीनियरिंग एवं संबद्ध क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के महत्वाकांक्षी लक्ष्याें के साथ काम कर रहा है।
विज्ञप्ति के अनुसार हनवा ओशन के दौरे में पेट्रोलियम मंत्री को कंपनी की जहाज निर्माण क्षमताओं, उन्नत जहाज निर्माण प्रक्रियाओं और समुद्री प्रौद्योगिकियों में नवाचार के बारे में जानकारी दी गई। श्री पुरी ने कहा कि यह हनवा ओशन जैसे वैश्विक स्तर के पोत विनिर्माताओं के लिए भारत के साथ काम करने का इस समय एक बड़ा अवसर है। भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां विदेशी टैंकरों और पोतों से माल ढुलाई पर सालाना लगभग 5-8 अरब डॉलर खर्च कर रही हैं और उन्हें लगभग 59 जहाजों की तत्काल आवश्यकता है।
श्री पुरी ने कहा कि कोरिया के पास उन्नत जहाज निर्माण तकनीक और लम्बा अनुभव है। भारत में जहाजों की मज़बूत माँग होने के साथ कुशल जनशक्ति का बड़ा समूह उपलब्ध है। साथ ही सरकार की नीतियां उद्योग के लिए सहायक हैं।
भारत की "मेक इन इंडिया" पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सहयोग मॉडल न केवल भारत की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करता है बल्कि वैश्विक बाज़ारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहयोगात्मक व्यवस्थाओं के तहत निर्मित जहाज़ पाँच वर्षों के भीतर अपनी लागत वसूल कर सकते हैं ।
भारत में इस समय लागू नीतिगत प्रोत्साहनों में जहाज निर्माण पर 15-25 प्रतिशत पूंजीगत सहायता, जहाज पुनर्चक्रण के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत प्रोत्साहन, इक्विटी वित्तपोषण के लिए एक समुद्री विकास कोष का निर्माण, 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना, और नए ग्रीनफील्ड शिपयार्ड और समुद्री क्लस्टरों के लिए बुनियादी ढाँचा समर्थन शामिल हैं।
इससे पहले श्री पुरी ने शुक्रवार को सोल में हनवा ओशन के अध्यक्ष और सीईओ किम ही-चेउल के साथ मुलाकात की थी। उन्होंने इस दौरे में कोरिया की कुछ और अग्रणी शिपिंग कंपनियों के प्रमुखों के साथ चर्चा की। इनमें जिनमें कोरिया ओशन बिज़नेस कॉर्पोरेशन (केओबीसी) के सीईओ एन ब्युंग गिल, एसके शिपिंग के सीईओ किम सुंग इक, एच-लाइन शिपिंग के सीईओ सियो म्युंग देउक और पैन ओशन के उपाध्यक्ष श्री सुंग जे योंग शामिल थे।
मंत्री ने कल उल्सान स्थित अत्याधुनिक एचडी हुंडई हैवी इंडस्ट्रीज शिपयार्ड का भी दौरा किया। 1,680 एकड़ में फैला यह शिपयार्ड दुनिया का सबसे बड़ा शिपयार्ड और समुद्री इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक वैश्विक केंद्र है।
इससे पहले श्री पुरी एचडी हुंडई के अध्यक्ष चुंग की-सुन से मिले । कंपनी के सेओंगनाम स्थित वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र में हुई इस भेंट के मौके पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल को एचडी हुंडई की उन्नत जहाज डिजाइन क्षमताओं और स्मार्ट शिपयार्ड संचालन प्रणालियों के बारे में जानकारी दी गई।
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