पुणे , जनवरी 10 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकंपा) के विभाजन के बाद पहली बार, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और राकांपा (एसपी) कीनेता एवं सांसद सुप्रिया सुले ने नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान एक राजनीतिक मंच साझा किया।

श्री पवार के नेतृत्व वाली राकंपा और श्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राकंपा (एसपी) ने पुणे नगर निगम चुनावों के लिए संयुक्त रूप से एक साझा घोषणापत्र जारी किया।

श्री पवार और राकंपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने घोषणापत्र जारी करने के लिए एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर राकंपा (एसपी) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जो अब तक प्रचार अभियान से काफी हद तक दूर रहे थे।

श्री पवार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि घोषणापत्र पुणे के निवासियों के हितों से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित है। इस दस्तावेज में नल के पानी की आपूर्ति में सुधार, यातायात के दबाव से राहत, गड्ढा मुक्त सड़कें, बेहतर स्वच्छता, उन्नत स्वास्थ्य सेवायें, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय और झुग्गीवासियों के पुनर्वास का वादा किया गया है।

राज्य स्तर पर विरोधी राजनीतिक गठबंधनों का हिस्सा होने के बावजूद, दोनों गुटों ने नगर निकाय चुनावों के लिए हाथ मिलाने का फैसला किया है। सत्ताधारी महायुति के घटक अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकंपा और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के सहयोगी राकंपा (एसपी) 15 जनवरी को होने वाले पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए साथ आये हैं।

श्री पवार ने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सत्ता साझा करने के बावजूद, स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा और उन पर दोनों सरकारों से पर्याप्त धन मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में विकास को पटरी से उतारने का आरोप लगाया। भाजपा 2017 से 2022 तक दोनों नागरिक निकायों में सत्ता में रही थी।

संयुक्त घोषणापत्र में शहर भर में 33 महत्वपूर्ण सडकों को ठीक करने, भीड़भाड़ कम करने, प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने और समग्र यातायात प्रवाह में सुधार करने का संकल्प लिया गया है। इसमें बसों और मेट्रो सेवाओं में मुफ्त यात्रा का भी प्रस्ताव है। गठबंधन ने बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल स्थापित करने का वादा किया है।

इसके अलावा, पर्यावरण के अनुकूल कार्यक्रमों को अपनाने वाली 'हाउसिंग सोसायटियों' को संपत्ति कर पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी और उन्हें 'ग्रीन सोसाइटी' प्रमाणपत्र दिया जायेगा।

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