चेन्नई , फरवरी 26 -- केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में चुनाव की तैयारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सी. ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और चुनाव कार्यक्रमों पर उनके विचार जाने और उनसे सुझाव मांगे।
श्री कुमार के अलावा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी, उपायुक्त मनेश गर्ग, बानू प्रकाश, पवन कुमार शर्मा, संजय कुमार और आशीष गोयल भी बैठक मौजूद थे। चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा से पहले यह बैठक यहां के एक होटल में करीब 11:30 बजे शुरू हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान राजनीतिक पार्टियों ने सीईसी से अप्रैल के बजाय मई में चुनाव कराने का आग्रह किया, ताकि राजनीतिक पार्टियों को चुनाव प्रचार के लिए ज़्यादा समय मिल सके। ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि राजनीतिक पार्टियां मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए खासकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और पहली बार वोट देने वालों के लिए सुझाव देंगी।
एक राज्य पार्टी के प्रतिनिधि ने सुझाव दिया, "मतदान केंद्र को वोटर-फ्रेंडली बनाने की हमेशा गुंजाइश रहती है। बेहतर आकार, रैंप और लाइन प्रबंधन से वोटिंग का अनुभव बेहतर हो सकता है।"उल्लेखनीय है कि आगामी कुछ दिनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए चुनाव आयोग ने इन राज्यों में चुनाव कराने का प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दिया है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अंतिम मतदाता सूची तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने 23 फरवरी को जारी कर दी थी। इसी सिलसिले में सीईसी और उनकी टीम ने चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए तमिलनाडु का दौरा किया है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ चर्चा के बाद ईसीआई टीम ज़िला चुनाव और निर्वाचन अधिकारी, सरकार, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ शांति से चुनाव कराने और चुनावों के लिए की जा रही तैयारियों समीक्षा करने पर सलाह-मशविरा करेगी। बैठक में तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक /अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
इस बैठक का उद्देश्य नागरिक और पुलिस अधिकारियों के बीच बिना बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि चुनाव स्वतंत्र , निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हों।
ईसीआई की टीम सुश्री पटनायक से भी मिलेगी और मतदान केंद्रों की संख्या और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान करने के साथ-साथ ईवीएम की सुरक्षा को लेकर बातचीत करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुरू में तमिलनाडु के लिए केंद्रीय बलों की 50 कंपनियाँ दी हैं, इसलिए श्री कुमार सुश्री पटनायक से उन जगहों पर भी बात करेंगे जहाँ उन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किया जाना चाहिए। केंद्रीय बल 10 मार्च को राज्य में शामिल की जाएँगी।
ईसीआई का प्रतिनिधिमंडल आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारियों समेत केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों के साथ भी बातचीत करेगा, जिसमें धन शक्ति का इस्तेमाल, पैसे का गैर-कानूनी हस्तांतरण, गलत कामों को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के साथ-साथ नगदी लेन-देन को रोकने के लिए उड़न दस्ता और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती पर भी बात होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री कुमार शुक्रवार शाम मीडियाकर्मियों से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने बुधवार को पुड्डुचेरी का दौरा किया और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।
उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कानून प्रवर्तन के कानून प्रवर्तन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, जिनमें आईजी , डीआईजी ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), पुलिस अधीक्षक (एसपी/एसएसपी) और केंद्र शासित मिजोरम प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख और नोडल अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों को संबोधित करते हुए, श्री कुमार ने चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी बनाए रखने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र नींव हैं। हर पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि वोटर बिना किसी डर या लालच के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।"श्री कुमार तमिलनाडु में अपनी दो दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचने पर और चुनाव वाले राज्यों के अपने दौरे के नतीजों के आधार पर वह चुनाव की तारीखों की घोषणा करेंगे, जिसके बाद चुनावों के लिए चुनाव आचार संहिता तुरंत लागू हो जाएगा।
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