जालंधर/ कपूरथला , जनवरी 27 -- आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी पी.टी.यू) में यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल (यू.बी.एस) सिडनी ऑस्ट्रेलिया के साथ हाल ही में हुए एक समझौते (एमओयू) पर एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को एमओयू की बारीकियों एवं लाभ से रू-ब-रू करवाना था।
कार्यक्रम में पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा मुख्य अतिथि और राज्य सभा सदस्य एवं प्रख्यात पर्यावरणविद संत बाबा बलवीर सिंह सींचेवाल सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। आई.के.जी पी.टी.यू के कुलपति प्रो (डाॅ) सुशील मित्तल ने कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व किया। यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल के प्रेसीडेंट गैरी मल्होत्रा एवं पंजाब स्टेट फूड कमिशन के चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने इस अकादमिक सत्र को विशेष अतिथि के तौर पर सम्बोधित किया।
गौरतलब है कि आई.के.जी पी.टी.यू एवं यू.बी.एस सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में एक मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह एम.ओ.यू पंजाब सरकार के शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे बेहद लाभकारी कार्यों की श्रृंखला में से एक है। तकनीकी शिक्षा एवं उद्यौगिक सिखलाई विभाग पंजाब सरकार के केबिनेट मंत्री स.हरजोत सिंह बैंस ने इस एमओयू सेरेमनी को बतौर मुख्य अतिथि ज्वाइन भी किया था।
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा ने आई.के.जी पी.टी.यू के शानदार इतिहास पर कहा कि अगर हम दुनिया के किसी भी विकसित देश में जायें, तो हमें इस यूनिवर्सिटी से पढ़े हुए छात्र ज़रूर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह समय की ज़रूरत है कि ज़रूरतमंद परिवारों के छात्र, जो पैसे की तंगी की वजह से वहाँ नहीं जा पाते, पंजाब सरकार की ऐसी कोशिशें उन प्रतिभावान छात्रों को विश्व स्तर पर बड़े मौके देने में मददगार साबित होंगी। उन्होंने कहा कि आज इस यूनिवर्सिटी के लाखों छात्र कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जर्मनी, अमेरिका जैसे देशों में ऊंचे पदों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि 1995 तक पंजाब के छात्रों को इंजीनियरिंग जैसे विषयों की पढ़ाई के लिए देश के दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, और साल 1997 में बनी इस यूनिवर्सिटी ने आज ऐसा मोड़ लिया है कि अब बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर जैसे दूसरे राज्यों से भी हर साल हजारों छात्र इस यूनिवर्सिटी और इसके 200 काबिल कॉलेजों में पढ़ने आते हैं। यह एकेडमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट एकेडमिक क्रेडिट्स (अचीवमेंट नंबर्स) के ट्रांसफर के लिए एक फ्रेमवर्क बनाएगा, जो दोनों तरफ की सरकारों और दूसरे योग्य संस्थानों को मंज़ूर होगा। ये संयुक्त अकादमिक कार्यक्रम काम के लिए किसी भी संबंधित क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने में मददगार साबित होंगे।
सांसद संत बाबा बलवीर सिंह सींचेवाल ने कहा कि पंजाब के हर छात्र की आंखों में एक सपना होता है, लेकिन कई के दिल में डर होता है, सपनों के महंगे होने का डर, मौका मिलने या न मिलने का डर, पीछे छूट जाने या रास्ते से भटक जाने का डर। सरकार की ऐसी पहल डरों से छुटकारा दिलाने में बहुत असरदार साबित होगी। यह एग्रीमेंट हमारे छात्रों को एक मज़बूत संदेश भी देता है कि "आप ग्लोबल स्टेज पर आगे हैं, सरकारें आपके साथ हैं, आपकी यूनिवर्सिटी आपके साथ है!'अतिथि रहे चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने पंजाब की फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में जरूरत एवं अवसर पर बात रखी।'कुलपति प्रो (डाॅ) सुशील मित्तल ने कहा कि यह एग्रीमेंट उन स्टूडेंट के लिए भी फायदेमंद होगा जो मेरिटोरियस हैं, मतलब वे पढ़ाई कर रहे हैं और फॉरेन एजुकेशन में अपनी मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप भी चाहते हैं। यह एग्रीमेंट उन्हें मेरिट के आधार पर तुरंत एजुकेशन स्कॉलरशिप देगा।
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