पीलीभीत , दिसंबर 09 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वराही रेंज में पर्यटकों को वन्यजीवों के दीदार के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया। रविवार को साइफन पुल पर एक बाघ दिखाई देने पर पर्यटकों की जिप्सियों ने वन्यजीवों के लिए निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया।
नियमों के इस उल्लंघन और फोटोग्राफी की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग वाराही रेंजर के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व को वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यह अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसमें साल के घने जंगल, लंबी घास के मैदान और शारदा व खकरा जैसी नदियों द्वारा निर्मित दलदली भूमि शामिल है। उत्तर प्रदेश के तराई आर्क लैंडस्केप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चूका बीच, जंगल सफारी और साइफन नहर यहां के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास होने के कारण, पीटीआर ने बाघ संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2020 में, इस रिजर्व ने चार वर्षों में बाघों की संख्या को दोगुना करने के लिए प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था।
डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह ने यूनिवार्ता को बताया कि जारी वीडियो की उन्हें जानकारी है। वीडियो में नियमो का उल्लंघन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने वाराही रेंज के रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव से इस प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अतिरिक्त जिप्सियों का पूरा विवरण भी देने के निर्देश दिए है।
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