चंडीगढ़ , नवंबर 11 -- पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने मंगलवार को जमीनी स्तर पर अनुपालन को मजबूत करने और प्रदूषण फैलाने वालों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, राज्य में कठिन पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक कचरे के शीर्ष योगदानकर्ता के रूप में पहचाने गये 14 प्रमुख ब्रांडों को तलब किया है।

बोर्ड ने उन्हें स्पष्ट, समयबद्ध रणनीति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जो उपभोक्ताओं को उपयोग के बाद प्लास्टिक पैकेजिंग वापस करने के लिए प्रोत्साहित करे।

पीपीसीबी की अध्यक्ष रीना गुप्ता ने कहा, " किसी भी कंपनी को पंजाब को प्रदूषित करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। हम जवाबदेही तय करेंगे और अपने सभी शहरों को साफ़-सुथरा बनाएंगे।" यह कदम बोर्ड द्वारा किए गये प्लास्टिक कचरे के ब्रांड ऑडिट से प्रेरित है, जो भारत में पहली बार किया गया है।

पीपीसीबी ने पंजाब के छह शहरों - अमृतसर, बठिंडा, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और पटियाला - में प्लास्टिक अपशिष्ट ब्रांड ऑडिट 2025 किया। इस अध्ययन में इन शहरों के विभिन्न इलाकों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे की जांच की गयी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सी कंपनियां सबसे ज़्यादा प्लास्टिक कचरा पैदा करती हैं। विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में अध्ययन किये गये कुल 6,991 किलोग्राम नगरपालिका कचरे में से 613 किलोग्राम प्लास्टिक पाया गया। परिणाम बताते हैं कि इस प्लास्टिक कचरे का 88 प्रतिशत हिस्सा पुनर्चक्रण के लिए कठिन है। 11,810 प्लास्टिक पैकेटों के ब्रांडवार विश्लेषण से पता चला कि केवल 14 प्रमुख ब्रांड ही इस गैर-पुनर्चक्रणीय कचरे के लगभग 59 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार थे।

बोर्ड ने कहा कि कुछ कम्पनियों द्वारा अपुष्ट प्रमाणपत्रों के माध्यम से ईपीआर लक्ष्यों को पूरा करने या अन्य राज्यों पर जिम्मेदारी डालने की वर्तमान प्रथा पंजाब के प्रदूषण संकट को हल करने के बजाय उसे और बढ़ा रही है। पीपीसीबी पंजाब को स्वच्छ, परिपत्र और प्लास्टिक-जिम्मेदार भविष्य की ओर ले जाने के लिए निगरानी, प्रवर्तन और उद्योग सहयोग को बढ़ाना जारी रखेगा।

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