श्रीनगर , जनवरी 21 -- नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री सकीना ईतू ने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और उसके नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती के भ्रामक बयान वास्तव में उनके 'काले कृत्यों' को छिपाने का एक असफल और घिनौना प्रयास है। उन्होंने कहा कि पीडीपी का पूरा इतिहास और उसके नेताओं की भूमिका हमेशा से कश्मीर विरोधी और जनविरोधी नीतियों से भरी रही है, जिसके परिणामस्वरूप जम्मू-कश्मीर दशकों पीछे धकेल दिया गया।
सुश्री ईतू ने डीएच पुरा में मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करना, राज्य का दर्जा छीनना और लोगों द्वारा झेली जा रही लगातार क्रूरता पीडीपी की राजनीतिक सौदेबाजी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब से जम्मू-कश्मीर की जनता ने पीडीपी को पूरी तरह से नकार दिया है, तब से पार्टी का नेतृत्व दहशत में है। अब उनके पास भ्रामक बयानबाजी और निराधार आलोचना के अलावा कुछ नहीं बचा है।
सुश्री ईतू ने आरोप लगाया कि पीडीपी ने 2002 से 2008 तक गलत फैसलों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को 'आग की लपटों में धकेल दिया' और 2014 में सत्ता में वापसी के बाद पार्टी ने 70 वर्षों की मेहनत को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में लाकर उन्हें वह सब करने का अवसर दिया जिसका वे वर्षों से इंतजार कर रहे थे।
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