रावलपिंडी , फरवरी 24 -- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अपने संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर पारदर्शिता की कमी के लिए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है।

यह बात तब सामने आई जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को मंगलवार की सुबह आंखों के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया क्योंकि उनकी आंखों की रोशनी कम होने की अफवाहें थीं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के एक डॉक्टर के मुताबिक श्री खान को 24 फरवरी को दाहिनी आंख की मुख्य रेटिनल नस में रुकावट (सीआरवीओ) के बाद आंखों के अंदर दी जाने वाली दवा की एक खुराक देने के लिए सुविधा केंद्र में लाया गया था। यह एक ऐसी स्थिति है जो आंख में खून के प्रवाह को प्रभावित करती है।

उनकी खराब सेहत की अफवाहें जनवरी के आखिर में सार्वजनिक हो गई थीं और 24 जनवरी को सरकार ने कई दिनों बाद इस आशय की पुष्टि की थी। पीआईएमएस के डॉक्टर ने कहा कि प्रक्रिया से पहले श्री खान की जांच विशेषज्ञों के एक बोर्ड ने की थी, जिसमें एक हृदय रोग विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी दोनों सामान्य बताए।

डॉक्टरों ने जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के नियमों के अनुसार मानक निगरानी नियमावली का पालन किया, जिसमें इंजेक्शन लगाने का काम ऑपरेशन थिएटर में पीआईएमएस और अल-शिफा ट्रस्ट आई अस्पताल के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ और एक विट्रियो-रेटिनल नेत्र शल्य चिकित्सक ने लगाया।

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