भोपाल इंदौर , जनवरी 27 -- मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) के इंदौर स्थित कार्यालय के सामने अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की मांग की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्रों के आंदोलन से जुड़े वीडियो वायरल करते हुए आरोप लगाया है कि एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर दबाव बनाने और उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है। दिसंबर 2024 में अभ्यर्थियों से जो वादे किए गए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। करीब 90 प्रतिशत माँगें अब भी लंबित हैं।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं उस समय अभ्यर्थियों के धरना-प्रदर्शन में छात्रों से संवाद करने पहुंचे थे, लेकिन एक वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की माँगों को गंभीरता से संज्ञान में ले और केवल आश्वासनों के बजाय तुरंत कोई ठोस निर्णय ले।

एमपीपीएससी कार्यालय के सामने कई छात्र शनिवार रात से आंदोलन में जुटे हुए हैंं। छात्र विभिन्न परीक्षाओं में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर अपनी मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वे भर्ती परीक्षाओं में घपले रोकने हेतु सख़्त पेपर लीक क़ानून, बैकलॉग पदों की शीघ्र भर्ती और एमपीपीएससी की परीक्षाएँ भी यूपीएससी के पैटर्न पर समयबद्ध व पारदर्शी किए जाने की मांग कर रहे हैं।

इन छात्रों ने इसके पहले दिसंबर 2024 में भी आंदोलन किया था। छात्रों का आरोप है कि 13 महीने पहले दिसंबर 2024 में हुए आंदोलन के समय प्रशासन ने जो आश्वासन दिए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। छात्रों का दावा है कि पिछली बार जिन मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उनमें से केवल दो ही लागू की गईं हैं।

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