नयी दिल्ली , जनवरी 23 -- घरों में इस्तेमाल होने वाले बड़े उपकरणों (व्हाइट गुड्स) के लिए पीएलआई योजना के तहत चौथे दौर में पांच कंपनियों का अस्थायी रूप से चयन किया गया है जिन्होंने 863 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि चौथे दौर में कुल 13 आवेदन मिले थे। उनके मूल्यांकन के बाद एयर कंडीशनर (एसी) घटकों के निर्माण में लगी पांच कंपनियों का अस्थायी रूप से चयन किया गया है, जिन्होंने 863 करोड़ रु के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इन पांच कंपनियों से वित्त वर्ष 2027-28 तक कुल 8,337.24 करोड़ रुपये का उत्पादन और 1,799 अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, व्हाइट गुड्स (एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स) के लिए पीएलआई योजना के तहत चयनित 85 कंपनियों द्वारा 11,198 करोड़ रुपये का निवेश करने की उम्मीद है, जिससे योजना अवधि के दौरान 1,90,050 करोड़ रुपये का संचयी उत्पादन होगा।

चयनित पांच निवेशकों में किर्लोस्कर न्यूमेटिक कंपनी ने कंप्रेसर, मोटर, हीट एक्सचेंजर और शीट मेटल घटकों के निर्माण पर 320 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है।

इंडो एशिया कॉपर लिमिटेड ने तांबे की नली (साधारण और/या खांचेदार) के निर्माण के लिए 258.97 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है।

गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने हीट एक्सचेंजर, शीट मेटल घटक और प्लास्टिक मोल्डिंग घटक पर 58.69 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

क्रायोन टेक्नोलॉजी ने आईडीयू या ओडीयू अथवा रिमोट के लिए नियंत्रण असेंबली और मोटर के निर्माण पर 175 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

प्रणव विकास (इंडिया) ने मोटर, क्रॉस फ्लो फैन (सीएफएफ), वॉल्व और पीतल के घटक, हीट एक्सचेंजर और शीट मेटल घटक के निर्माण पर 50 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता जतायी है।

अन्य आठ आवेदकों को विस्तृत जांच और अनुशंसाओं के लिए विशेषज्ञ समिति (सीओई) के पास भेजा गया है।

मंत्रालय ने बताया है कि इस पहल से घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को काफी मजबूती मिलने और इस क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 07 अप्रैल 2021 को व्हाइट गुड्स (एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट) के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी थी, जिसका कुल परिव्यय 6,238 करोड़ रुपये था और इसे वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाना था। इस योजना को बाद में 16 अप्रैल 2021 को डीपीआईआईटी द्वारा अधिसूचित किया गया।

घरेलू उत्पाद प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) का उद्देश्य एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट उद्योग के लिए एक मजबूत घरेलू घटक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के अभिन्न अंग के रूप में स्थापित करना है।

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