एमसीबी , जनवरी 02 -- छत्तीसगढ के एमसीबी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने कड़ा रुख अपनाते हुए 82 ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसकी नियमित निगरानी राज्य, जिला एवं जनपद पंचायत स्तर पर की जा रही है। इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों में योजना की प्रगति असंतोषजनक पाई गई है।

जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कुल 15,314 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 7,643 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जिसे जिला प्रशासन ने संतोषजनक प्रगति बताया है। योजना की सतत समीक्षा के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आवासों की गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवास मित्रों की भूमिका को भी सशक्त किया गया है। निरीक्षण और प्रोत्साहन के तहत जिले के 92 आवास मित्रों को कुल 3 लाख 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है।

इसके बावजूद 82 ग्राम पंचायतों में भौतिक प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई, जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा कार्य में तत्काल प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि शेष लक्ष्यों की पूर्ति हेतु कार्य निरंतर जारी रहेगा, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास योजना का लाभ मिल सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित